गर्मी के इफेक्ट- टंकी का गर्म पानी पीने से उल्टी-दस्त का खतरा

पटना। लगभग पूरे भारत में घरों की छत पर लगी टंकी का पानी इतना गर्म हो जा रहा है, कि बिना गीज़र गर्म पानी मिल रहा है। यह गर्म पानी कितना खतरनाक हो सकता है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि बिहार में टंकी का पानी पीने से दर्जनों बच्चे बीमार पड़ गये। डॉक्टर का कहना है कि छतों पर लगी टंकी में गर्मी के दिनों में कीटाणु अध‍िक संख्या में पैदा होते हैं।

Bihar- Tanks serving diseases in hot summer

पूरे बिहार में पीने के पानी के लिए लोगों को परेशानी हो रही है। सुविधा संपन्न लोगों लोग तो इस भीषण गर्मी में फ्रीज और कूलर का पानी पीकर अपना गला तर कर ले रहे हैं। लेकिन गरीब वर्ग के लोग गर्म पानी पीने को मजबूर है। घरों के ऊपर प्लास्टिक की टंकियों का पानी भी थोड़ी ही देर में गर्म हो रहा है।

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गर्मी के इफेक्ट- टंकी का गर्म पानी पीने से उल्टी-दस्त का खतरा

गर्मी के इफेक्ट- टंकी का गर्म पानी पीने से उल्टी-दस्त का खतरा

प्लास्टिक की टंकियों का पानी पीने से डॉक्टर मना करते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि प्लास्टिक की टंकियों में धूप से गर्म पानी शरीर के लिए काफी हानिकारक होता है। टंकी से निकले गर्म पानी पीने से पेट में जलन, उल्टियां, एसिडिटी होती है।

वहीं दूसरी ओर ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों का तो और भी बुरा हाल है। शीतल जल नहीं मिलने से यात्री परेशान हो रहे हैं। स्टेशन पर लगे हुए नल खौलता हुआ पानी निकल रहा है। किसी भी स्टेशन पर यात्रियों के लिए वाटर कूलर नहीं लगाए गये हैं। लोगों को मजबूरी में ऊंचे दाम पर बोतल का बोतल बंद पानी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।

पटना में सूख गये हैंडपम्प

तपती गर्मी में बाहर से राजधानी पहुंचने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सड़क किनारे न तो है हैंडपंप लगाए गए हैं और ना ही सभी स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन द्वारा दो-तीन दिन पूर्व कुछ जगह पर प्याऊ की व्यवस्था की गई। लेकिन यह व्यवस्था इस भीषण गर्मी को देखते हुए नाकाफी साबित हो रहा है। यह हाल सिर्फ मनुष्य का ही नहीं बल्की पशु पक्षियों का भी है। पशु पक्षी पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं ।लेकिन उंहें पानी नसीब नहीं हो रहा है।

गर्मी से हाल बेहाल

पटना में गर्मी का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सुबह 8 बजे से सूरज की चुभनभरी किरने शरीर की त्वचा को जलाने पर आमादा है ।वहीं दोपहर में तो सड़कों पर वीरांगना का आलम हो जाता है।

गौरतलब है कि गत एक पखवाड़े से अधिक समय से राजधानी सहित सूबा गर्मी से उबल रहा है। पिछले दिनों 20 अप्रैल को राजधानी में अधिकतम पारा 44 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद तापमान ऊपर नीचे होता रहा, लेकिन तपन में कोई कमी नहीं हुई।

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