शराब नहीं मिली तो बेहोश हो गये बिहार के दारोगाजी
पटना। बिहार पुलिस शारीरिक रूप से कितनी फिट है, इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि दारोगा जी को एक दिन शराब नहीं मिली तो बेहोश हो गये। जी हां इसे कहते हैं शराब की लत। हम बात कर रहे हैं ढाका क्षेत्र के आजाद चौक की जहां चैनपुर थाने में कार्यरत दरोगा रघुनंदन बेसरा मंगलवार को अचानक बेहोश हो कर गिर पड़े।
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पुलिसवालों ने दारोगा जी को रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। जहाँ उपकी खराब स्थिती को देखते हुये चिकित्सक ने मोतिहारी रेफर कर दिया। इस बाबत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा.आरके झा ने बताया कि वे नशा सेवन करते थे औऱ जब अचानक नशा नहीं मिला तो उनकी एकाएक स्थिती बिगड़ गयी है।
छह महीने पहले ही क्यों लगाया प्रतिबंध
जैसा कि आप जानते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी के लिए निर्धारित किए गए वक्त से छह महीने पहले ही प्रभावी कर दिया है। दो घंटे तक चली कैबिनेट बैठक के बाद राज्य में तत्काल प्रभाव से पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी गई।
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पहले चरण के रूप में शुक्रवार को देसी शराब पर प्रतिबंध लगाया था, और मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि वह छह महीने के भीतर चरणबद्ध तरीके से शराब की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह पाबंदी लगा देंगे। नीतीश ने पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव के दौरान महिला मतदाताओं से यह वादा प्रमुखता से किया था। महिला नेताओं व महिलाओं ने सरकार बनते ही दबाव डालना शुरू कर दिया था। उसी दबाव के चलते यह प्रतिबंध छह महीने पहले लगा दिया गया।
सरकार को होगी 3,300 करोड़ की हानि
सरकार शराब की बिक्री बंद होने से होने वाले माली नुकसान की भरपाई कैसे होगी? इस पर नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें शराब से किसी राजस्व की ज़रूरत नहीं है। पिछले साल शराब बिक्री से बिहार सरकार को 3,300 करोड़ की आमदनी हुई थी।












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