मोदी के नाम पर वोट मांग रहीं सजायाफ्ता बाहुबली की पत्नी
पटना (मुकुन्द सिंह)। इस बार का विधानसभा चुनाव में बाहुबलियों की अहम भुमिका दिख रही है, लेकिन अधिकांश बाहुबली भाजपा खेमे में हैं। बाहुबलियों के साथ मिलकर भाजपा बिहार में लालू-नीतीश को पराजित करने का ख्वाब देख रही है। खास बात यह है कि सजायाफ्ता बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांग रही हैं।
बिहार चुनाव: यह धन्नो के इज्जत का सवाल है
जी हां हम बात कर रहे हैं लवली आनंद की, जो शिवहर से मांझी की पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा से लड़ रही हैं। जगह-जगह लगे पोस्टरों में वो खुद को पार्टी की प्रत्याशी न बता कर एनडीए की प्रत्याशी बताती हैं।
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कौन हैं लवली आनंद
- लवली आनंद बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी हैं। लवली शिवहर विधानसभा से उम्मीदवार हैं।
- बिहार की राजनीति में बाहुबलियों की शुरूआत आनंद मोहन के विधायक बनने के समय ही शुरू हुई थी।
- आनंद मोहन पहली बार 1990 में विधायक का चुनाव जीते थे। उसके बाद आनंद सांसद भी बने।
- राजपूतों के नेता आनंद मोहन फिलहाल डीएम हत्याकांड में सजा काट रहे हैं।
- आनंद मोहन को लालू के खिलाफ प्रतीक के तौर पर माना जाता था लेकिन 1998 के चुनाव में उन्होंने लालू से हाथ मिला लिया था।
पप्पू यादव से भी भाजपा को ही फायदा
- पप्पू यादव को विद्रोह के बाद लालू ने पार्टी से निकाल दिया था। वो अपनी नई पार्टी बनाकर लालू का नुकसान करने में जुटे हैं।
- पप्पू यादव लालू को जितना नुकसान पहुंचाएंगे बीजेपी को उतना ही फायदा होगा।
- पप्पू की निगाहें पूरे बिहार पर है, लेकिन कोसी और पूर्णिया प्रमंडल की 37 सीटों पर उनका प्रभाव लालू-नीतीश के गणित को बिगाड़ सकता है।
- पप्पू यादव की अपने इलाके में मुसलमान और यादवों पर अच्छी पकड़ है।
- ये रॉबिनहुड वाली छवि की वजह से अपने इलाके में वो हर समाज में लोकप्रिया हैं।
- मोदी सरकार ने पप्पू यादव को वाई श्रेणी की सुरक्षा दे रखी है।
बिहार की राजनीति में बाहुबलियों का अपना अलग ही महत्व है। चुनाव जीतने के लिए तमाम पार्टियां अपने समीकरण के हिसाब से बाहुबलियों को गले लगाती रही है। बाहुबली नेता भी अपने हिसाब से पाला बदलते रहे हैं।













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