वैष्णो देवी हादसा: चश्मदीद बोला- CRPF ने VIP की क्रॉसिंग करवाने के लिए लोगों को डंडों से डराया था, तो भगदड़ मची
पानीपत। भारत का मुकुट कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी मंदिर हादसे की कई वजहें सामने आई हैं। जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग ने कहा कि, रात 2 बजे कुछ श्रद्धालुओं के बीच बहसबाजी हुई थी, जिससे भगदड़ मची। वहीं, इस जानलेवा भगदड़ के कुछ और कारण भी बताए जा रहे हैं। मीडिया के सामने आए कई श्रद्धालुओं ने कहा है कि, भगदड़ अव्यवस्था के चलते हुई। हरियाणा के पानीपत जिला निवासी हिमांशु अग्रवाल भी उस हादसे के चश्मदीद हैं।

हरियाणा में पानीपत के खेल बाजार में रहने वाले हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि वो वैष्णों देवी मंदिर हादसे को सबसे नजदीक से देखने वाले लोगों में था। हिमांशु ने कहा, "मैं अपने दोस्त राघव, हिमांशु शर्मा, जतिन और भारत के साथ दो दिन पहले वैष्णो देवी दर्शन के लिए गया था। रात करीब ढाई से पौने 3 बजे का समय होगा। वहां दर्शन करने जाने वाले और दर्शन करके वापस आने वाले सभी लोगों की भीड़ चेक पोस्ट 3 के नजदीक जमा हुई। ऐसे में यहां से न ही आने का रास्ता बचा और न ही जाने का रास्ता बचा था।"

हिमांशु ने कहा, "वहां व्यवस्था संभाल रहे सीआरपीएफ (CRPF) के जो जवान थे, उन्होंने गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया। भीड़ को थोड़ा-थोड़ा आगे-पीछे करने के बजाय उन्होंने डंडों से लोगों को डराना और धमकाना शुरू कर दिया। वे डराते धमकाते हुए बोल रहे थे कि किसी वीआईपी को आना है, दर्शन करवाने हैं, आप रास्ता जल्दी खाली करो। मगर सीआरपीएफ वालों ने यह नहीं देखा कि वहां श्रद्धालुओं के आगे-पीछे जाने की जगह नहीं थी। जवानों के डर की वजह से लोग वहां से तेजी से आगे-पीछे होने लगे। हम भी उसी लाइन में थे, जहां से लोगों की सबसे पहले हलचल हुई थी। मेरे आगे ही एक श्रद्धालु नीचे गिर गया। ऐसे ही धक्का-मुक्की हुई और भगदड़ मच गई। तब बचने के लिए मैं और मेरे दोस्त खंभों पर चढ़ गए। उसके बाद कुछ ही देर में हालत खराब हो गई। कई लोगों की जान चली गई। सैकड़ों घायल हुए।"












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