भारत से करीबियों और पाकिस्तान पर सख्ती वाला एक अमेरिकी कानून
वॉशिंगटन। आतंकवाद पर लापरवाह पाकिस्तान पर अमेरिका और सख्त हो गया है। अमेरिका ने पाकिस्तान को मिलने वाली सैन्य मदद के लिए अब एक शर्त लगा दी है। दिलचस्प बात यह है कि जिस कानून के तहत अमेरिका ने भारत के साथ रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया है, उसी कानून की वजह से ही वह पाकिस्तान पर और सख्त हुआ है। अमेरिकी सदन ने नेशनल डिफेंस अथॉराइजेशन एक्ट (एनडीएए) 2018 के तीन बदलावों को मंजूरी दी है। इसके तहत ही पाकिस्तान के लिए अब डिफेंस फंडिंग मुश्किल हो गई है।

अब सिर्फ एक शर्त पर मिलेगी आर्थिक मदद
पाकिस्तान को अब अमेरिकी मदद तभी मिल सकेगी जब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में संतोषजनक नतीजे हासिल होंगे। शुक्रवार को अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन में तीनों बदलावों को पास कर दिया गया है। तीन में से दो बदलावों को कांग्रेस के सदस्य डाना रोहराबाशेर और एक को टेड पो की ओर से पेश किया गया था। पाकिस्तान पर सख्ती से जुड़े इस नए बिल के बारे में पो ने कहा, 'आज कांग्रेस ने पाकिस्तान की तरफ से मिल रहे अमेरिकी धोखे को खत्म करने की ओर एक कदम उठाया है।' अब अमेरिकी रक्षा सचिव को पाकिस्तान को किसी भी तरह की अदायगी करने से पहले स्पष्टीकरण देना पड़ेगा। उन्हें यह बताना होगा कि पाकिस्तान आतंकवाद को हराने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। इसके अलावा इस नए एक्ट में यह भी स्पष्ट कर दी गई है कि पाकिस्तान को रकम अदायगी और आर्थिक मदद के 400 मिलियन डॉलर आसानी से नहीं मिलेगी। जब तक अमेरिकी रक्षा सचिव इस बात का स्पष्टीकरण नहीं दे देते कि पाकिस्तान नॉर्थ वजिरिस्तान में हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ मिलिट्री कार्रवाई कर रहा है। यह रकम इस वर्ष के अक्टूबर से लेकर 31 दिसंबर 2018 तक अदा होनी है।
आतंकवाद को समर्थन देने वाला साथी पाक
इसके अलावा अमेरिकी रक्षा सचिव को यह भी स्पष्ट करना होगा कि पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क के नॉर्थ वजिरिस्तान में मौजूद अड्डों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इस कार्रवाई के अलावा पाकिस्तान, अफगानिस्तान सरकार के साथ मिलकर पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर आतंकियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए मिलकर काम कर रहा है, इस बात का स्पष्टीकरण भी अमेरिकी रक्षा सचिव को देना होगा। टेड पो ने बताया है कि अब एनडीएए पास होने के बाद अब पेंटागन को आतंकियों को मिल रहे समर्थन का आकलन करना होगा और तभी पाकिस्तान को करोड़ों डॉलर सौंपने होंगे। पो ने अपने बयान में कहा कि यह बात सभी को मालूम है कि पाकिस्तान एक ऐसा साथी है जो कई आतंकी संगठनों को समर्थन देता है जिसमें कई ऐसे संगठन भी हैं जो अमेरिकियों को भी निशाना बना रहे हैं।












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