टॉप पाकिस्तानी जनरल अजहर अब्बास ने मांगा रिटायरमेंट,आसिम मुनीर को आर्मी चीफ नियुक्त करने के बाद फैसला- रिपोर्ट
लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर को पाकिस्तानी सेना का चीफ बनाए जाने के बाद चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अजहर अब्बास ने आर्मी से रिटायरमेंट लेने का फैसला लिया है। वह जनरल कमर जावेद बाजवा के बाद वरिष्ठता में दूसरे स्थान पर चल रहे थे। उनका नाम भी आर्मी चीफ के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, लेकिन शायद आईएसआई की अगुवाई करने का अनुभव जनरल मुनीर के पक्ष में चला गया। लेफ्टिनेंट जनरल अब्बास के परिवार वालों ने जो कुछ कहा है, उससे लगता है कि उन्होंने सरकार के फैसले के विरोध में जल्दी रिटायरमेंट लेने का फैसला किया है।

टॉप पाकिस्तानी जनरल रिटायरमेंट लेंगे
लगता है कि पाकिस्तान में लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर को आर्मी चीफ बनाने के फैसले पर टॉप जनरलों ने खुलकर नाराजगी जतानी शुरू कर दी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल के हवाले से बताया है कि पाकिस्तानी सेना के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अजहर अब्बास ने जल्दी रिटायरमेंट लेने का फैसला किया है। यह बात चैनल ने उनके पारिवारिक सूत्रों से पता किया है। जानकारी के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल अब्बास का नाम उस 6 लोगों की लिस्ट में था, जिन्हें आर्मी चीफ के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। (लेफ्टिनेंट जनरल अजहर अब्बास की तस्वीर सौजन्य- जिओ न्यूज)

मुनीर और मिर्जा की जोड़ी को हरी झंडी
उस लिस्ट में जो बाकी नाम थे, वे हैं- लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर, लेफ्टिनेंट जनरल साहिर शमशाद मिर्जा, लेफ्टिनेंट जनरल नौमान मेहमूद, लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद और लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद आमिर। गुरुवार को पाकिस्तान सरकार ने जनरल आसिम मुनीर को अगला चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) और जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को चेयरमैन ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमिटी(CJCSC) नियुक्त किया है। इसके बाद से ही टॉप जनरलों में से कुछ के असहज होने की रिपोर्ट आ रही है।

कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल अजहर अब्बास ?
पाकिस्तानी जिओ न्यूज से परिवार के भरोसेमंद सूत्र ने कहा है, 'लेफ्टिनेंट जनरल अजहर अब्बास ने विदाई लेने का फैसला किया है, जल्दी रिटायरमेंट मांगी है- जो कि उनके व्यक्तित्व के मुताबिक है।' हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है। लेफ्टिनेंट जनरल अब्बास को 41 बलोच रेजिमेंट में 1987 में पाकिस्तान मिलिट्री एकैडमी में कमीशन मिला था। वे पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ के निजी सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं। लेफ्टिनेंट जनरल अब्बास 12 डिविजन मुरी की कमान भी संभाल चुके हैं।

आईएसआई के भी चीफ रह चुके हैं पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख
तख्तापलट के लिए कुख्यात रहे पाकिस्तान में आर्मी चीफ का पद सबसे शक्तिशाली माना जाता है। वहां की सेना देश की सुरक्षा से लेकर विदेश नीति तक तय करने में मुख्य भूमिका निभाती है। जनरल आसिम मुनीर के साथ यह बड़ी बात है कि वे पाकिस्तान के पहले ऐसे आर्मी चीफ बन रहे हैं, जो वहां की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई और मिलिट्री इंटेलिजेंस के भी चीफ रह चुके हैं। आईएसआई और मिलिट्री इंटेलिजेंस पाकिस्तानी सेना की आंख और कान की तरह कार्य करते हैं।

तख्तापलट के लिए कुख्यात रही है पाकिस्तानी सेना
मौजूदा पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल बाजवा 29 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। वह तीन-तीन साल तक इस पद पर दो कार्यकाल गुजार चुके हैं। उनके रिटायर होने के बाद जनरल मुनीर के हाथों में विश्व की सबसे कुख्यात सेनाओं में से एक की कमान आ जाएगी। कहने के पाकिस्तान की सेना में वरिष्ठता के आधार पर चेयरमैन ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमिटी(CJCSC) का पद बड़ा है, लेकिन चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) के पास ही सैनिकों की लामबंदी, नियुक्तियां और ट्रांसफर का अधिकार होता है, जिससे यह सेना का सबसे प्रभावशाली व्यक्ति हो जाता है। पाकिस्तान के 75 साल के इतिहास में आधे से ज्यादा समय मिलिट्री रूल ही रहा है।












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