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पैसे की तंगी से गुजरता पाकिस्‍तान, फल, चीज, लग्‍जरी कार और स्‍मार्ट फोन तक खरीदने के लाले

By Richa B
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    इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान दिनों बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है और इस संकट से बचने के लिए इन दिनों नए प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी कैबिनेट के मंत्रियों की माथापच्‍ची जारी है। रोज नए आइडियाज पर चर्चा हो रही है और इनमें से ही एक आइडिया है चीज के आयात में कमी लाई जाए। पिछले हफ्ते इस्‍लामाबाद में वित्‍त मंत्री असद उमर की अध्‍यक्षता में इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल की एक मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में ही उन योजनाओं पर चर्चा की गई जिनकी मदद से अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के बेलआउट पैकेज से बचा जा सके।

    स्‍मार्टफोन और चीज के आयात को किया जाएगा बैन

    स्‍मार्टफोन और चीज के आयात को किया जाएगा बैन

    इकोनॉमिक काउंसिल की मीटिंग में एडवाइजर्स ने लग्‍जरी इंपोर्टेड कारों के आयात पर प्रतिबंध से लेकर चीज और स्‍मार्टफोन तक के आयात को बैन करने तक पर चर्चा हुई। बड़े स्‍तर पर रणनीति पर भी बात की गई जिसके जरिए आईएमएफ की मदद से बचा जा सकता है। मीटिंग में हालांकि कोई फैसला नहीं लिया जा सका लेकिन नई इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल ने नई सरकार के आईएमएफ बेलआउट से बचने के उपायों पर चर्चा जरूर की। पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था इस समय खासी मुश्किलों में है और उसे मदद के लिए कई बिलियन डॉलर की जरूरत है।

    पाक का निर्यात जीरो, आयात धड़ाधड़

    पाक का निर्यात जीरो, आयात धड़ाधड़

    पाकिस्‍तान का निर्यात लगभग जीरो हो चुका है लेकिन आयात में तेजी से इजाफा हुआ है। इसकी वजह से अर्थव्‍यवस्‍था पर खासा दबाव पड़ा है। डॉलर की कमी की वजह से स्‍थानीय मुद्रा पर जोर पड़ा है और विदेया मुद्रा भंडार लड़खड़ा गया है। इसकी वजह से विशेलेष्‍कों ने अंदाजा लगाया है कि पाकिस्‍तान को 15वीं बार आईएमएफ के बेलआउट की जरूरत होगी। पाकिस्‍तान ने पहली बार सन् 1980 में बेलआउट लिया था। वहीं दूसरी तरफ पीएम इमरान खान ने दूसरे देशों पर मदद के लिए निर्भर रहने की आदत की आलोचना भी की है। साथ ही उनकी पार्टी ने इस बात की चिंता भी जाहिर की है कि रिफॉर्म और आईएमएफ के कड़े नियम सरकार के खर्च को प्रभावित कर सकते हैं।

    पाक को चाहिए नौ बिलियन डॉलर की रकम

    पाक को चाहिए नौ बिलियन डॉलर की रकम

    पाकिस्‍तान की यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर अशफाक हसन खान इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल के सदस्‍य हैं। उन्‍होंने न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि पिछले हफ्ते हुई मीटिंग कुछ नए और खास आइडिया पर ध्‍यान केंद्रित किया गया जिससे आयात पर नियंत्रण लग सके। उनका कहना है कि काउंसिल के किसी भी सदस्‍य ने आईएमएफ के बेलआउट पैकेज के लिए समर्थन नहीं दिया। वित्‍त मंत्री असद उमर ने हाल ही में सीनेट को इस बात की जानकारी दी थी कि पाकिस्‍तान को वित्‍तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए नौ बिलियन डॉलर की जरूरत होगी।

    चीन और सऊदी अरब से मांगेगा मदद

    चीन और सऊदी अरब से मांगेगा मदद

    अशफाक खान ने बताया कि बैन को लेकर जिन भी उपायों पर चर्चा हुई, उन्‍हें करीब एक वर्ष तक जारी रखा जाएगा। उन्‍होंने कहा कि चीज, कार, मोबाइल फोन और फलों के आयात प्रतिबंध की वजह से चार से पांच बिलियन डॉलर की बचत होगी। इस कदम के बाद जो निर्यात होगा उसमें दो बिलियन डॉलर की रकम अर्थव्‍यवस्‍था को मिल सकती है। पिछले वर्ष पाक की सरकार ने 240 आयातित सामानों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ा दिया था जिसमें चीज, उच्‍चक्षमता वाली कारें और कुछ और सामान भी शामिल थे। असद उमर ने इस बात की संभावना भी जताई है कि पाक अपने दोस्‍तों सऊदी अरब और चीन से भी मदद मांग सकता है।

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    English summary
    To avoid IMF bailout Pakistan Prime Minister Imran Khan considering to ban cheese imports.

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