Saifullah Khalid: ढेर हुआ भारत का एक और दुश्मन, लश्कर आतंकी सैफुद्दीन खालिद मारा गया
Saifullah Khalid Death: पाकिस्तान में छुपकर बैठा भारत का एक और दुश्मन मारा जा चुका है। लश्कर-ए-तैयबा से जुडे सैफुल्लाह खालिद को अज्ञात हमलावरों ने पाकिस्तान में मार गिराया है। पिछले काफी समय से वह नेपाल में रहकर अपना आतंकी नेटवर्क चला रहा था। कुछ महीनों पहले ही वह सिंध के मतीन प्रांत में लौटा था। खालिद भारत में हुए तीन बड़े आतंकी हमलों मे शामिल था। सैफुल्लाह खालिद ने अपनी कई पहचान बना रखी थी और इसे अबु सैफुल्लाह और रजुल्लाह निजामानी के नाम से भी जाना जाता था। इसके अलावा, वह लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खास लोगों में से एक था। उसका मुख्य काम जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा के लिए फंड इकट्ठा करने का था।
Saifullah Khalid Profile
सैफुद्दीन खालिद पिछले दो दशक से ज्यादा समय से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और अपना नाम और पहचान छुपाकर नेपाल में रह रहा था। उसने नेपाल में अपना नाम विनोद रख लिया था और वहीं से आतंकी नेटवर्क के लिए काम करता था। भारतीय खुफिया एजेंसियों को जब उसके नेपाल में छुपे होने की भनक लगी, तो जान बचाने के लिए पाकिस्तान के सिंध प्रांत में छुप गया था।

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माना जा रहा है कि उसकी हत्या के पीछे बलूच गुटों का हाथ हो सकता है। भारत सरकार ने उसे मोस्ट वॉन्टेड आतंकी घोषित कर रखा था। उसने सालों तक नेपाल में बेस बनाकर आतंकी नेटवर्क को एक्टिवेट किया और भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया था।
इन तीन बड़े आतंकी हमलों को सैफुल्लाह ने दिया था अंजाम
- साल 2006 में महाराष्ट्र के नागपुर में RSS मुख्यालय में हमले की साजिश रचने के पीछे सैफुल्लाह ही मास्टरमाइंड था. उसके नेटवर्क के तीन आतंकी एंबेसडर कार में पुलिस के कपड़े पहनकर आए थे। हमले को अंजाम देते इससे पहले ही पुलिस ने तीनों को मार गिराया था।
- 2008 में उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित CRPF कैंप पर हमला करवाने में भी इसकी बड़ी भूमिका थी।
- बेंगलुरु में 2005 में भारतीय विज्ञान संस्थान के एक ऑडिटोरियम में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के बाद आतंकियों ने गोलीबारी की थी। इसमें एक प्रोफेसर की मौत हो गई थी।
लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के लिए सैफुल्लाह की मौत बड़ा झटका साबित होने वाली है। भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकी संगठन की कमर तोड़ दी है और अब उनका मुख्य फंड रेजर भी मारा गया है।
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