पाक की 'ना'पाक हरकत, आतंकवाद पर राजनाथ की स्पीच ब्लैक आउट
इस्लामाबाद। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सार्क सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे पर इस्लामाबाद में चर्चा की। लेकिन अब इसे पाकिस्तान की 'बेशर्मी' कहें या हाफिज सईद की धमकी का डर कि पाक में राजनाथ सिंह के भाषण को ही ब्लैक आउट कर दिया गया।

राजनाथ ने जमकर ली क्लास
इस्लामाबाद के पांच सितारा होटल सेरेना में में राजनाथ ने आतंकवाद के मुद्दे पर जमकर पाकिस्तान की क्लास ली। वहीं किसी ढीठ बच्चे की तरह पाक की मीडिया ने राजनाथ की बातों को सुनकर भी अनसुना कर दिया। मीडिया को राजनाथ के भाषण को कवर करने नहीं दिया गया था। पाक ने यह कारनामा उसी दिन किया जिस दिन अमेरिका से हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कड़ा एक्शन न लेने की वजह से उसकी आर्थिक मदद रोके जाने की खबर आई।
आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद
- 'गुड टेररिज्म बैड टेररिज्म' जैसी कुछ नहीं होता है, आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद ही होता है।
- हिजबुल के कमांडर बुरहान वानी को 'शहीद' बताने पर कहा आतंकियों को महिमामंडन न करें।
- आतंकियों के अलावा आतंकी संगठनों और इसे पनाह देने वाले देशों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
- आतंकवाद को जो देश बढ़ावा दे रहे हैं पूरी दुनिया को उनके खिलाफ एक्शन लेकर उन्हें अकेला छोड़ देना चाहिए।
आतंकवाद की पाक में सूरत
पाक अगर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है तो वह खुद भी इसे झेलने को मजबूर है। आज भले ही पाक इससे मुंह चुरा ले लेकिन पाक में कई मासूमों को उसकी इसी नाकामी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक-
- सितंबर 2001 से मई 2011 तक पाक में 35,000 नागरिकों की मौत आतंकी हमलों में हुई थी।
- वहीं वर्ष 2003 में यह आंकड़ां सिर्फ 164 था और वर्ष 2009 में यह आंकड़ा 3318 था।
- वर्ष 2014 में पाक में 5496 नागरिकों की मौत आतंकी वारदातों में हुई।
- वर्ष 2015 में आतंकी हमलों में मौतों का आंकड़ा 3682 था।
- वर्ष 2016 में आतंकी हमलों में 1137 लोगों की मौत हो चुकी है।












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