पीएम शरीफ नहीं जनरल शरीफ तय कर रहे हैं भारत के साथ पाक का अगला कदम!
इस्लामाबाद। भारत में पठानकोट आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान रिश्तों और शांति प्रक्रिया को किस तरह से बढ़ाना चाहिए, इसकी भूमिका दरअसल पाक सेना के मुखिया जनरल राहील शरीफ तैयार कर रहे हैं, न कि पीएम नवाज शरीफ।

भारत के पंजाब के पठानकोट स्थित इंडियन एयरफोर्स के बेस पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में जिस तरह के उतार-चढ़ाव आए हैं उस पर पूरी दुनिया की नजरें हैं।
हमले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का पूरा भरोसा दिलाया। आतंकी हमले में शामिल जैश-ए-मोहम्मद के कुछ आतंकियों पर कार्रवाई भी हुई।
इस पूरे मामले में उस समय एक अहम मोड़ आया जब पाक में जैश के मुखिया मौलाना मसूद अजहर और उसके भाई की गिरफ्तारी की खबरें आईं। इन दोनों को पाक के बहावलपुर से गिरफ्तार करने की खबरें आईं।
हालांकि कुछ ही समय बाद पाक की सरकार ने गिरफ्तारी से साफ इंकार कर दिया। पाक सरकार इससे पहले हमेशा मसूद अजहर की पाक में मौजूदगी से इंकार करती आई थी। ऐसे में जब उसकी गिरफ्तारी की खबरें आर्इं तो हैरानी होना स्वाभाविक था।
पाक में मौजूद सूत्रों की मानें तो सरकार और सेना मुद्दे को अपनी-अपनी तरह से डील कर रहे हैं। जहां सरकार का रवैया आतंकियों की गिरफ्तारी के साथ ही काफी हद तक दुनिया के सामने आ चुका है तो वहीं सेना इस मामले पर काफी सावधानी से आगे बढ़ रही है।
पाक में विशेषज्ञों की मानें तो तो पाक सेना के प्रमुख राहील शरीफ नहीं चाहते हैं कि दोनों देशों के नागरिकों और प्रधानमंत्रियों के बीच किसी तरह का सौहार्दपूर्ण माहौल बने। ऐसे में वह अपनी तरह से ही इस पूरे मसले को डील कर रहे हैं।
वहीं कुछ सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी की 25 दिसंबर को हुई लाहौर यात्रा से जनरल राहील शरीफ और सेना खुश नहीं थी। ऐसे में अब वह इस मामले को अपने हाथ में लेकर इस पर आगे बढ़ना चाहते हैं।












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