पाक के गुजरांवाला में चस्पा किए गए पोस्टर, लश्कर-ए-तैयबा ने ली उरी हमले की जिम्मेदारी
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की ओर से चस्पा किए गए ये पोस्टर उरी हमले में पाकिस्तानी जमीन के इस्तेमाल होने का सबूत दे रहे हैं।
नई दिल्ली। बीते महीने जम्मू और कश्मीर स्थित उरी में भारतीय सेना के कैंप पर हुए हमले के बाद से ही सीमा और भारत-पाक के बीच तनाव बरकरार है।
भारतीय सेना ने हमले के कुछ दिनों बाद पाक अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक भी की थी।

अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित गुजरांवाला में कुछ पोस्टर चस्पा किए गए हैं जिसमें उरी हमले की जिम्मेदारी ली गई है।
आतंकी के जनाजे में शामिल होने के लिए लगाए गए पोस्टर
ये पोस्टर उन चार आतंकियों में से एक के आखिरी जनाजे की सूचना के लिए लगाए गए हैं जिन्होंने उरी में हमला किया था। उरी में 4 आतंकियों ने हमला किया था जिसमें से 1 की तस्वीर इस पोस्टर पर लगाई गई है।
इन पोस्टरों के सामने आने के बाद भारत की ओर से उरी हमले के संबंध में पाक में मौजूद जिहादी समूह पर लगाए गए दावों को और भी बल मिल गया है।
पाक उरी हमले में अपनी जमीन का इस्तेमाल होने से लगातार इनकार करता रहा है।
गुजरांवाला में चस्पा किए गए पोस्टरों में वहीं के निवासी मुहम्मद अनस का नाम है। इस पोस्टर में स्थानीय निवासियों को नमाज में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
'177 हिन्दू सैनिकों को नर्क में भेज दिया'
इसमें यह भी लिखा है कि 'लश्कर -ए - तैयबा के शेर दिल पवित्र योद्धा अबु सिराका मुहम्मद अनस के लिए प्रार्थना में शामिल हों, जिन्होंने उरी ब्रिगेड कैंप में 177 हिन्दू सैनिकों को नर्क में भेज दिया।'
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पोस्टर में ऊपरी हिस्से अनस की फोटो लगी है और नीचे जमात-उत-दावा सरगना हाफिज मुहम्मद सईद की फोटो लगी है।
हाफिज की फोटो के पास लिखा है कि 'गायबाना नमाज जनाजा में शामिल हों' जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित गुजरांवाला के गिरजख में किया जाएगा।
गौरतलब है कि उरी हमले के बाद भारत की ओर से किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया गया था कि इस हमले के लिए जैश-ए-मोहम्मद जिम्मेदार है।
बता दें कि उरी में हुए हमले में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे।












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