भारत के खिलाफ लश्कर की तैयारियों में मदद करता पाक, छात्रों को दे रहा ट्रेनिंग
वाशिंगटन। पाकिस्तान भले ही यह कहता रहे कि वह आतंकियों को और आतंकवादी संगठनों को बिल्कुल भी समर्थन नहीं देता है, लेकिन हर बार उसकी असलियत सामने आ ही जाती है।

अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान की यूनिवर्सिटीज लश्कर-ए-तैयबा समेत भारत विरोधी आतंकी संगठनों को मदद करने के लिए छात्रों को ट्रेनिंग दे रही हैं।
सूत्रों की मानें तो उसके पास इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई सोशल मीडिया के जरिए लोगों को लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा जैसे प्रतिबंधित आतंकी गुटों को सपोर्ट करने के लिए तैयार कर रही है।
हाल ही में एक सप्ताह पहले पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल राहिल शरीफ ने यूएस का दौरा किया और इस दौरान वह ओबामा के एडमिनिस्ट्रेशन के कई बड़े असफरों से मिले थे। न्यूज एजेंसी पीटीआई के पास मौजूद डोजियर के एक हिस्से के मुताबिक, पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर कुछ लोग आतंकी गुटों के सपोर्ट में प्रोपेगैंडा चला रहे हैं।
पाकिस्तान के महिलक सलमान जावेद नाम के एक शख्स ने हाल ही में 'स्ट्रेटेजेम' नाम की एक ऑनलाइन मैगजीन शुरू की है।मलिक पाकिस्तान की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी (एनडीयू) के नेशनल सिक्योरिटी वर्कशॉप से ग्रेजुएट है।
जावेद ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि वह एनडीयू का पुराना स्टूडेंट है। वह ट्विटर पर कई सालों से जमात-उद-दावा के सपोर्ट में लिखता रहा है।
स्ट्रेटेजेम के पहले इश्यू में एम. जैनुलबीदिन अमीर नाम के एक लेखक ने जेयूडी के मौलाना हमजा को इस्लाम का हिमायती बताया था। अमीर के फेसबुक पेज से भी इस बात की जानकारी मिलती है कि वह लगातार जेयूडी के समर्थन में लिखता रहा है।
स्ट्रेटेजेम के कई मेंबर्स का जमात-उद-दावा की तरफ झुकाव यूएस डोजियर के मुताबिक, पीकेकेएच (पाकिस्तान का खुदा हाफिज), फोट्रेस और एनडीयू के खिलाफ कुछ अहम सबूत मिले हैं।
ये सबूत बताते हैं कि स्ट्रेटेजेम के कुछ मेंबर्स का प्रतिबंधित आतंकी गुट जमात उद-दावा (जेयूडी) के प्रति अलग तरह से झुकाव है।
खासकर पीकेकेएच एक स्ट्रेटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट है, जिसका जेयूडी से वर्ष 2010 से कुछ न कुछ रिश्ता है।
वर्ष 2010 में पीकेकेएच ने मेयर लॉग लॉन्च किया था। इसके तहत बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए एक ऑपरेशन चलाया गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेयर लॉग को जेयूडी और पाकिस्तानी आर्मी ने ऑर्गनाइज किया था।












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