पनामा पेपर्स की जांच के बहाने पाकिस्‍तान की सेना देश में चौथे तख्‍तापलट की तैयारियों में लगी!

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान की सेना पर यहां की जनता को कितना भरोसा है, ताजी घटना उसका नया उदाहरण है। यहां पर लोगों को शक हैं कि उनके देश की सेना फिर से देश में तख्‍तापलट की साजिशों लगी है और पनामा पेपर्स की जांच उसका ही एक बहाना है। लोगों को आशंका है कि सेना इस जांच का प्रयोग अपने मकसद में सफलता हासिल करने के लिए कर रही है। सेना ने इस बात से साफ इनकार कर दिया है।

सोशल मीडिया पर तख्‍तापलट की चर्चा

सोशल मीडिया पर तख्‍तापलट की चर्चा

पाकिस्‍तान में लोगों ने सोशल मीडिया पर जिस तरह से टिप्‍पणियां की हैं, उससे इस बात की पुष्टि हो जाती है। आपको बता दें कि पाक पीएम नवाज शरीफ के खिलाफ पनामा पेपर्स में जांच जारी है। लोगों की मानें तो सेना इस जांच का प्रयोग नवाज सरकार को अस्थिर करने के लिए कर रही है। वर्ष 1947 में जब से पाकिस्‍तान, भारत से अलग हुआ है तब से लेकर अब तक यहां पर तीन बार तख्‍तापलट हो चुका है।

हमेशा कड़वे रहे सरकार और सेना के रिश्‍ते

हमेशा कड़वे रहे सरकार और सेना के रिश्‍ते

इसके अलावा सेना और सरकार के बीच‍ रिश्‍ते हमेशा उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं। देश में सरकार का शासन होने के बाद भी पाकिस्‍तान सेना यहां की नीतियों के निर्धारण में एक बड़ा रोल अदा कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिस ज्‍वाइंट इनवेस्टिगेशन टीम (जेआईटी) का गठन किया गया उसमें आईएसआई के अलावा मिलिट्री इंटेलीजेंस के लोगों भी शामिल हैं। ऐसे में इस बात पर हैरानी नहीं होनी चाहिए कि आखिर क्‍यों पाक की जनता देश में मिलिट्री शासन के बारे में कयास लगा रही है।

इस तरह की आशंका वाले पाकिस्‍तानी नहीं

इस तरह की आशंका वाले पाकिस्‍तानी नहीं

वहीं जब इस बारे में पाकिस्‍तान की सेना से सवाल किया गया तो उन्‍होंने अपने जाने-पहचाने अंदाज में जवाब दिया। पाकिस्‍तान सेना से सरकार के खिलाफ जारी षडयंत्र पर सवाल किया गया तो सेना के पीआरओ मेजर जनरल आसिफ गफूर ने जवाब दिया, 'यह सवाल जवाब देने के लायक नहीं है।' उन्‍होंने कहा कि जो लोग इस तरह के कयास लगा रहे हैं, वे पाकिस्‍तानी हीं नही हैं।

भारत की वजह से हो रही ऐसी बातें

भारत की वजह से हो रही ऐसी बातें

पाक अखबार द डॉन ने उनके हवाले से लिखा है, 'हर व्‍यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है। जो लोग यह मानते हैं कि सेना अपना सर्वश्रेष्‍ठ नहीं कर रही, उन पर विदेशी प्रभाव है।' गफूर ने आगे कहा कि सुरक्षा संस्‍थानों से दो लोग छह सदस्‍यों वाली जेआईटी का हिस्‍सा हैं जो सीधा सुप्रीम कोर्ट के देखरेख में काम कर रही है।

बढ़ती जा रही हैं नवाज की परेशानियां

बढ़ती जा रही हैं नवाज की परेशानियां

मेजर जनरल गफूर ने बताया कि जेआईटी में शामिल संस्‍थानों के आईएसआई और एमआई अधिकारियों ने अपनी ड्यूटीज को ईमानदारी के साथ पूरा किया। अब सबकुछ सुप्रीम कोर्ट पर है। पिछले हफ्ते जेआईटी की जो अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई है वह शरीफ सरकार के लिए काफी परेशानियों वाली है। इस रिपोर्ट में कहा गया कि पीएम शरीफ और उनके बच्‍चों ने अज्ञात स्‍त्रोतों से अथाह पैसा कमाया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में फिर से इस पर बहस शुरू हुई है। शरीफ के परिवार ने इस बात से साफ इनकार कर दिया है कि उन्‍होंने इस जांच की रिपोर्ट को नुकसान पहुंचाया है।

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