अमेरिका में फ्लिन का आना मतलब पाकिस्तान के बुरे दिन शुरू होना
पाकिस्तान के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का माइकल फ्लिन को बतौर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त करना है एक बुरी खबर। हर बार पाकिस्तान के खिलाफ बोलते आए हैं फ्लिन।
वाशिंगटन। अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए)के पद के लिए रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल माइकल फ्लिन को नामांकित किया है। फ्लिन, ट्रंप के करीबी हैं और ट्रंप का यह ऐलान पाकिस्तान के लिए एक बैड न्यूज है।

आतंकियों के नेटवर्क से वाकिफ फ्लिन
फ्लिन हमेशा पाकिस्तान को मिल रही मदद को खत्म करने की वकालत करते आए हैं। 56 वर्षीय फ्लिन अमेरिका के उन टॉप मिलिट्री लीडर्स में से हैं जिनके पास इंटेलीजेंस की बहुत ज्यादा जानकारी है।
थ्री स्टार जनरल फ्लिन अफगानिस्तान और इराक में आतंकियों के नेटवर्क से बखूबी वाकिफ हैं।
फ्लिन की नियुक्ति को सीनेट की मंजूरी की जरूरत नहीं है और अगर वह अमेरिका के अगले एनएसए बनते हैं तो वह सुसान राइस की जगह लेंगे।
पढ़ें-मुसलमानों की रजिस्ट्री फिर से शुरू करेंगे डोनाल्ड ट्रंप
पाक के साथ सख्ती से पेश आना होगा
इस वर्ष अगस्त में फ्लिन की एक किताब 'हाऊ वी कैन विन द ग्लोबल वॉर अगेंस्ट रेडिकल इस्लाम' रिलीज हुई थी। इस किताब में फ्लिन ने लिखा था कि अगर पाकिस्तान आतंकियों को मदद जारी रखता है तो फिर इसे मिल रही मदद बंद कर देनी चाहिए।
फ्लिन ने लिखा था, 'हमें उन देशों के नेताओं के साथ सख्ती से पेश आना होगा जो अमेरिका के दोस्त होने का नाटक करते हैं और बदले में अमेरिका के दुश्मनों की मदद करते है।'
पाक को सिखाना होगा सबक
फ्लिन ने किताब में एक जगह लिखा है, 'पाकिस्तान जैसे देशों को यह बताना होगा कि अमेरिका आतंकी कैंपों की मौजूदगी को बर्दाश्त नहीं करेगा। न ही अमेरिका यह बर्दाश्त करेगा कि पाक तालिबान, हक्कानी और अल-कायदा जैसे आतंकी नेटवर्क के लिए सुरक्षित पनाहगार बना रहे।'
उन्होंने आगे लिखा, 'न ही हम उन्हें इस बात की इजाजत देंगे कि वह अपने बैंकों और दूसरे वित्तीय संस्थानों में गैर-कानूनी पैसा इकट्ठा करते रहें और फिर उनसे आतंकियों की मदद करें।'
ओबामा ने हटाया था फ्लिन को
फ्लिन डिफेंस इंटलीजेंस एजेंसी के डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं और यह पेंटागन की टॉप जासूसी संस्था है।
उनके पास ज्वॉइन्ट फंक्शनल कंपोनेंट कमांड फॉर इंटेलीजेंस के कमांडर के तौर पर काम करने का अनुभव भी है। वह मिलिट्री इंटेलीजेंस बोर्ड का जिम्मा भी संभाल चुके हैं।
फ्लिन को वर्ष 2014 में उनके नेतृत्व के तरीकों पर उंगली उठाते हुए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हटा दिया था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति ओबामा पर आरोप लगाया था कि इस्लाम पर उनके विचारों की वजह से उन्हें हटाया गया है।












Click it and Unblock the Notifications