• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

शांति की वकालत करने वाले पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान के टॉप मंत्री हाफिज सईद के साथ

|

इस्‍लामाबाद। भारत के साथ शांति वार्ता की वकालत करने वाले और यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली (उंगा) में भारत को आतंकवाद को दोषी ठहराने वाले पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के कैबिनेट के मंत्री हाफिज सईद के करीब हो रहे हैं। रविवार को राजधानी इस्‍लामाबाद में आयोजित एक कॉन्‍फ्रेंस के दौरान इमरान की कैबिनेट में धार्मिक मामलों के मंत्री नूर-उल-कादरी को मोस्‍ट वॉन्‍टेड आतंकी हाफिज सईद के साथ एक ही मंच पर देखा गया। आपको बता दें हाफिज यूएन और अमेरिका की तरफ से मोस्‍ट वॉन्‍टेड है और भारत में 26/11 हमलों के अलावा कई और आतंकी हमलों का मास्‍टरमाइंड है।

hafiz-saeed-imran-khan

सुषमा ने पाकिस्‍तान पर बोला था हमला

रविवार को इस्‍लामाबाद में दिफा-ए-पाकिस्‍तान काउंसिल की ओर से ऑल पार्टीज कॉन्‍फ्रेंस का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में जो बैनर लगाया गया उस पर उर्दू भाषा में लिखा था, 'पाकिस्‍तान की रक्षा' इस पर कश्‍मीर का जिक्र था और साथ ही भारत के खतरे को भी उर्दू में लिखा गया था। शनिवार को ही उंगा में विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने पाकिस्‍तान पर कड़ा हमला बोला है। सुषमा ने यहां पर कहा कि पाकिस्‍तान, आतंकवाद को एक हथियार के तौर पर प्रयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है और अब आतंकवाद यहां की आधिकारिक नीति का हिस्‍सा बन चुका है। अपने 25 मिनट के भाषण में सुषमा ने पाकिस्‍तान को ओसामा बिन लादेन और हाफिज सईद जैसे आतंकियों को सुरक्षित पनाह देने का दोषी करार दिया है। सुषमा ने यहां पर कहा, '9/11 के हमलावरों को उनका जवाब दे दिया गया लेकिन 26/11 के मास्‍टरमाइंड आज भी पाकिस्‍तान की सड़कों पर सुरक्षित घूम रहे हैं।'

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Pakistan Prime Minister Imran Khan's top minister shares stage with Lashkar-e-Taiba terrorist Hafiz Saeed.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more