पाक संसद के संयुक्त सत्र में बोले इमरान खान- हम कश्मीर मुद्दे को UN में ले जाएंगें
इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर को लेकर मोदी सरकार के स्पष्ट रुख के बाद पाकिस्तान में जमकर सियासी बवाल मचा हुआ है। इस बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने मंगलवार को पाक की संसद के दोनों सदनों का संयुक्त सत्र बुलाया। ये सत्र भारत सरकार के जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर, केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद की स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाया गया। इस सत्र में कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बड़ा ऐलान किया है।

इमरान ने कश्मीर मुद्दा संयुक्त राष्ट्र ले जाने की कही बात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त सत्र के दौरान कहा, "हम कश्मीर के मामले को संयुक्त राष्ट्र में ले जाएंगे और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को बताएंगे कि भारत में अल्पसंख्यकों पर भाजपा की रेसिस्ट विचारधारा किस तरह थोपी जा रही है।" इमरान खान ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी ने आरएसएस के एजेंडे को ही आगे बढ़ाया है। भारत के इस एक्शन से पूरी दुनिया प्रभावित होगी। इस कदम से शांति पर असर पड़ेगा और कई पुलवामा अटैक होंगे। भारत में मुसलमानों को समान नागरिक नहीं माना जाता। पहले ही कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने का प्लान कर लिया था।
'इस कदम से शांति पर असर पड़ेगा, कई पुलवामा अटैक होंगे'
दरअसल, मंगलवार को जब सत्र शुरू हुआ तो सदन में पीएम इमरान खान मौजूद नहीं थे, इसको लेकर पीएमएलएन, पीपीपी और दूसरे विपक्ष के सदस्यों ने सदन के भीतर हंगामा किया जिसके चलते बार-बार कार्यवाही में बाधा पड़ी। लगातार हंगामे करे बाद नेशनल असेंबली स्पीकर असद कैसर ने 20 मिनट के लिए कार्यवाही भंग की। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि भारत के फैसले पर पाकिस्तान का रुख खुद इमरान खान संसद में रखें। इसके बाद इमरान खान ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया।

जब अपनी ही संसद में घिर गए पाकिस्तान के पीएम इमरान
वहीं जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म करने वाले भारत के फैसले को गैरकानूनी बताने वाला पाकिस्तान अब इस मसले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अकेला पड़ता जा रहा है। इस मामले पर अमेरिका की तरफ से बयान आ गया है और साथ ही भारत ने यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) के देशों को सारी स्थिति से वाकिफ करा दिया है। पाक के सबसे 'सगे' चीन ने भी इस मसले से दूर रहने का मन बना लिया है। और तो और मुसलमान देशों ने भी उसका साथ छोड़ दिया है।












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