Champions Trophy 2025: 14 अरब रुपए फूंककर भी पाकिस्तान को क्या मिला? एक टूटा सपना और खाली स्टेडियम!

Champions Trophy 2025: पाकिस्तान ने चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने के लिए पूरे 14 अरब रुपये झोंक दिए, लेकिन आखिर में उसे क्या मिला? खाली स्टेडियम, टिकटों से जीरो कमाई और टूर्नामेंट के बीच आतंकी हमलों से अपनी ही इमेज को बर्बाद कर बैठा मुल्क, भारत को नीचा दिखाने के लिए पाकिस्तान ने लाख जतन किए, लेकिन अपने ही पैंतरे में फंसकर रह गया।

पाकिस्तान के एक्सपर्ट कमर चीमा भी मानते हैं कि पाकिस्तान ने ये टूर्नामेंट करवा तो लिया, लेकिन मकसद पूरा नहीं कर पाया। आतंकवाद से अपनी छवि सुधारने के लिए उसने क्रिकेट का सहारा लिया, पर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में लगातार हुए धमाकों ने साबित कर दिया कि यहां कुछ भी नॉर्मल नहीं है।

Champions Trophy 2025

Champions Trophy 2025: टूर्नामेंट के नाम पर हुआ तमाशा!

पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वह दुनिया को दिखाएगा कि वह अब एक सुरक्षित और सामान्य देश बन चुका है। लेकिन टूर्नामेंट के दौरान ही आतंकी हमले होते रहे और दर्शकों ने भी स्टेडियम से दूरी बनाए रखी। जब पाकिस्तान की अपनी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई, तो बाकी टीमों के मैचों में दर्शकों का आना लगभग खत्म हो गया, जिससे टिकट बिक्री का बंटाधार हो गया।

कमर चीमा ने खुद स्वीकार किया कि पाकिस्तान सरकार का सपना था कि क्रिकेट के जरिए दुनिया को अपनी 'सॉफ्ट पावर' दिखाए, लेकिन हुआ उल्टा। भारत ने इसमें पाकिस्तान को और भी फंसा दिया, क्योंकि कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद हमलों ने यह साफ कर दिया कि यह देश अभी भी असुरक्षित है।

Champions Trophy 2025: मेन स्ट्रीमिंग या मेंटल स्ट्रेस?

पाकिस्तान चाहता था कि इस टूर्नामेंट के जरिए उसकी 'मेन स्ट्रीमिंग' हो, लेकिन नतीजा यह निकला कि दुनिया को और पुख्ता यकीन हो गया कि यहां बिना टाइट सिक्योरिटी के कुछ भी संभव नहीं। हद तो तब हो गई जब टूर्नामेंट का फाइनल पाकिस्तान में होने की बजाय दुबई में खेला गया! यह तो वैसा ही हुआ जैसे शादी का मंडप सजा हो और फेरे कहीं और हो जाएं!

Champions Trophy 2025: तो पाकिस्तान को क्या फायदा हुआ?

कमर चीमा ने कहा कि पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी से कम से कम इतना फायदा तो हुआ कि स्टेडियम बने और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरा। लेकिन असली मजा तब किरकिरा हो गया जब पाकिस्तानी टीम ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई! यानी स्टेडियम बने, सिक्योरिटी टाइट हुई, इन्वेस्टमेंट आईसीसी का था, लेकिन शो खराब कर गई पाकिस्तान की अपनी टीम।

Champions Trophy 2025: आखिर में पाकिस्तान के हाथ क्या लगा?

कुल मिलाकर, पाकिस्तान ने अरबों रुपये इन्वेस्ट करके चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी तो कर ली, लेकिन दुनिया को यह दिखाने में नाकामयाब रहा कि वह एक 'नॉर्मल कंट्री' है। स्टेडियम तो बन गए, लेकिन टिकट नहीं बिके, सिक्योरिटी टाइट कर दी, फिर भी आतंकी हमले होते रहे। और सबसे बड़ा झटका? फाइनल दुबई चला गया। तो पाकिस्तान के हिस्से आया सिर्फ भारी नुकसान, किरकिरी और एक टूटा हुआ सपना!

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