Pakistan Blast: पाकिस्तान में आत्मघाती हमला, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 13 सैनिकों की मौत, 35 से अधिक घायल
Pakistan Blast: पाकिस्तान के अशांत इलाकों में सैन्य और पुलिस के काफिले पर हमले की घटना बहुत आम है। शनिवार को भी खैबर पख्तूनख्वा के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में एक आत्मघाती हमले में 13 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई है। इस आत्मघाती हमले में 10 और जवानों के घायल होने की भी सूचना है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, हमले में दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल है। एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने बताया कि एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे वाहन को सैन्य काफिले में घुसा दिया था।
खैबर पख्तूनख्वा का इलाका पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा ले सटा हुआ है। पिछले कुछ समय में यहां सैन्य काफिले को निशाना बनाने की कई घटनाएं हुई हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, धमाका इतना ज़ोरदार था कि आसपास के दो घरों की छतें गिर गईं और 6 बच्चे घायल हो गए।

Pakistan Blast के पीछे तालिबान का हाथ
अब तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, इस इलाके में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस संगठन की भूमिका होने की आशंका है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक टीटीपी ने ही यह हमला किया है, क्योंकि उत्तर वजीरिस्तान क्षेत्र पाकिस्तान के सबसे अस्थिर इलाकों में से एक माना जाता है। यहां आए दिन आतंकी घटनाएं होती रहती हैं। इस क्षेत्र में तालिबान का प्रभाव हमेशा से रहा है।
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विस्फोट के कारण कई घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हमले के आसपास वाली जगह को सील कर दिया गया गया है।
बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हालात चिंताजनक
पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के कई इलाकों में सैनिकों और पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया है। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी हमले की घटनाओं में तेजी आई है। इसी साल मार्च में दक्षिण वजीरिस्तान में एक आत्मघाती हमले की घटना हुई थी।
- दिसंबर 2024 में अफगान सीमा के पास हुए हमले में 16 सैनिक मारे गए, जिसकी ज़िम्मेदारी टीटीपी ने ली थी।
- जनवरी में बलूच लिबरेशन आर्मी ने केच इलाके में 94 सैनिकों की मौत का दावा किया था।
- जून 2025 में ग्वादर के सयाबद क्षेत्र में 16 सैनिकों की मौत की खबर आई थी।
इन सिलसिलेवार हमलों ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर सेना ने जवाबी कार्रवाई की बात कही है, वहीं आर्थिक मोर्चे पर संघर्ष कर रहे पाकिस्तान के दो प्रांतों में आतंकवादी गतिविधियां क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं।
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