Video: बलूचिस्तान में हिंसक प्रदर्शन से डरी पाकिस्तान मिलिट्री, अपनी पोस्ट छोड़कर भागी सेना
लाहौर। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आजादी की मांग जोर पकड़ती जा रही है। यहां पर सेना और इमरान सरकार के खिलाफ बुधवार को प्रदर्शन इस कदर हिंसक हो गया कि बॉर्डर की सुरक्षा में लगी सेना को अपनी पोस्ट्स छोड़कर भागना पड़ा। बलूचिस्तान में लोगों ने सेना की गाड़ी पर पथराव किया और सेना की एक बिल्डिंग में आग भी लगा दी। बलूचिस्तान के ब्राबचाह कस्बे में हो रहे विरोध प्रदर्शन ने पाकिस्तान सेना के जनरल कमर जावेद बाजवा और प्रधानमंत्री इमरान खान को परेशान कर दिया है।

एक युवती की हत्या के बाद प्रदर्शन
ब्राबचाह इलाका किली नूर शाह में आता है और यहां के लोग बॉर्डर को नहीं मानते हैं। वह बॉर्डर लाइन को एकपक्षीय लाइन बताते हैं। यहां पर पिछले हफ्ते सत्ताधारी पार्टी के कुछ लोगों ने युवती की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से विरोध प्रदर्शन जारी हैं और बलूचिस्तान नेशनल पार्टी (बीएनपी) के मुखिया के साथ स्थानीय लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां पूर्व सीएम अख्तर मेंगल भी इस प्रदर्शन का हिस्सा हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था ने अपनी जिम्मेदारी छोड़ दी है। उन्होंने कहा कि यहां की प्रांतीय सरकार को बलूच लोगों के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के लिए जिम्मेदार ठहराना चाहिए था जबकि ऐसा नहीं हो रहा है।
पाकिस्तान से आजादी की मांग
बलूचिस्तान के लोग पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे हैं। सेना की तरफ से स्थानीय लोगों पर ढहाए जा रहे जुल्म और क्षेत्र में विकास न होने की वजह से पाक सरकार के खिलाफ नाराजगी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की तरफ से भी आई एक रिपोर्ट में यहां के गायब होते नागरिकों का जिक्र किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि इन लोगों को राजनीतिक या फिर धार्मिक विचारधारा या मानवाधिकार के लिए उनकी निरंतर मांग के चलते गायब कर दिया गया है।

सबसे गरीब जगह बलूचिस्तान
साजिद हुसैन जो स्वीडन से आने वाली बलूचिस्तान टाइम्स नामक एक ऑनलाइन मैगजीन के एडीटर थे, दो मार्च को गायब हो गए थे। इसके बाद स्वीडन के एक शहर उप्पसाला में नदी में एक मई को उनकी लाश मिली थी। पिछले एक दशक में बलूचिस्तान के लोग और कई एक्टिविस्ट्स गायब हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि इन लोगों के गायब होने के पीछे सुरक्षाबलों का हाथ है। तमाम लोगों के क्षत-विक्षत शव बाद में मिले जिनसे इन्हें टॉर्चर करने की आशंका जताई गई थी। बलूचिस्तान खनिज और दूसरे संसाधनों के मामले बहुत समृद्ध है। इसे बाद भी यह हिस्सा सबसे गरीब है और यहां पर विकास न के बराबर हुआ है।

पाकिस्तान ने कर लिया है कब्जा
बलूचिस्तान के लोगों का मानना है कि पाकिस्तान ने उनकी सीमा पर कब्जा कर लिया है। हैरबैर मारी जो फ्री बलूचिस्तान आंदोलन के फाउंडर हैं उन्होंने हाल ही में एक ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, 'पाकिस्तान के मुसलमाल हठधर्मी पंजाबी पहले ही अफगानिस्तान, बलूचिस्तान, सिंध और भारत के बीच सैंडविच बन चूके हैं। हमें अब अपनी सेनाओं को इकट्ठा करना होगा और इसे हर दिशा में आगे बढ़ने के लिए निर्देश देने होंगे।' उनका मानना है कि वह दिन दूर नहीं है जब पूरी दुनिया का ध्यान बलूचिस्तान पर जाएगा।












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