पाकिस्तान में सेना नहीं बल्कि इस वजह से हुआ इमरजेंसी का ऐलान, इमरान ने आर्मी से कहा इस देश को बचाइए
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर दी गई है। इस बार इमरजेंसी, सेना या फिर किसी मिलिट्री तानाशाह की वजह से नहीं बल्कि टिड्डियों की वजह से डिक्लेयर की गई है। पाकिस्तान के पूर्वी हिस्से में लोग इन दिनों टिड्डियों से काफी परेशान हैं और शनिवार को देश में आपातकाल की घोषणा करने के लिए सरकार मजबूर हो गई। पीएम इमरान को एक मीटिंग में इस स्थिति के बारे में जानकारी दी गई और फिर शनिवार को यह फैसला लिया गया।

ईरान से आई मुसीबत
पाक के सूचना मंत्री फिरदौस आशिक आवाम की ओर से बताया गया है कि पिछले दो दशकों से देश को टिड्डियों के झुंड की वजह से परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ऐसे में अब फैसला किया गया है कि इस स्थिति को आपातकाल घोषित कर इसका सामना किया जाए। रेगिस्तान में नजर आने वाली ये टिड्डियां बिल्कुल सामान्य टिड्डी की तरह नजर आती हैं। मगर इनसे कई प्रकार के खतरे होते हैं। बताया जा रहा है कि पाक में ये टिड्डियां ईरान से जून माह में आई थीं और अब तक ये कपास, गेहूं, अनाज और दूसरी फसलों को चौपट कर चुकी हैं।

चौपट हो गई फसल
मौसम की अनुकूल स्थितियों और सरकार की ओर से देर से दी गई प्रतिक्रिया की वजह से इनकी संख्या में इजाफा हो गया है और अब इन्होंने फैसलों पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। टिड्डियों की ओर से फसलों पर किए गए हमले ने पहले से ही खाद्यान्न संकट से जूझ रहे पाक की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। डॉन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक नेशनल फूड सिक्योरिटी मिनिस्टर मखदूम खुसरो बख्तियार ने कहा है कि टिड्डियां पाकिस्तान-भारत के बॉर्डर पर स्थित चोलिस्तान और सिंध के अलावा बलूचिस्तान में हैं। उन्होंने कहा कि टिड्डियों का हमला असाधारण है और स्थिति अलर्ट करने वाली है।

सेना के सिर आई जिम्मेदारी
बख्तियार ने कहा कि इसे खत्म करने के लिए अब तक करीब 121,400 हेक्टेयर जमीन पर छिड़काव किया गया है। साथ ही 20,000 हेक्टेयर भूमि पर हेलीकॉप्टर से कीटाणुनाशकों का छिड़काव किया गया है। इसके अलावा जिला प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं, एविएशन डिविजन और सेना को भी टिड्डियों से निपटने और फसलों को बचाने की जिम्मेदारी दी गई है। इमरान खान ने देशवासियों से वादा किया है कि वह इस समस्या का समाधान जरूर करेंगे।

इमरान ने दिया देशवासियों को भरोसा
इमरान ने इस बात का भरोसा भी दिलाया है कि खेती और किसान उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता है। आखिरी बार पाकिस्तान ने साल 1993 में इस तरह के खतरे का सामना किया था। फिलहाल इसका असर भारत और ईस्ट अफ्रीका के दूसरे देशों में भी देखने को मिल रहा है। सोमालिया ने भी टिड्डियों की वजह से आपातकाल घोषित कर दिया है।












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