अमेरिका के दबाब का असर, पाक में लश्कर और जेयूडी की मीडिया कवरेज बैन
इस्लामाबाद। पिछले माह वाशिंगटन में हुई पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच जो मुलाकात हुई थी, शायद अब उसका असर नजर आने लगा है। पाक ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा,
जमात-उद-दावा के साथ ही सलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन के मीडिया कवरेज को बैन कर दिया है।
जारी हुआ नोटिफिकेशन
पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेशन ऑथोरिटी यानी पेमेरा ने इस बाबत एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि जमात-उद-दावा और फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के ही हिस्से हैं। पाक की ओर से संगठन के खिलाफ उठाया गया यह अभी तक का बड़ा कदम माना जा रहा है।
ओबामा की डांट का असर
पेमेरा की ओर से यह कदम पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय से मिले दिशा-निर्देश पर उठाया है। पिछले माह 20 से 23 अक्टूबर के बीच पीएम नवाज शरीफ ने अमेरिका का दौरा किया था।
उस दौरान राष्ट्रपति ओबामा से हुई द्विपक्षीय बातचीत के दौरान शरीफ से अमेरिका ने भरोसा लिया था कि जमात-उद-दावा और लश्कर जैसे आतंकी संगठन पर वह असरदार कार्रवाई करेगा।
पाक ने बनाई है नीति
पिछले वर्ष पाकिस्तान ने पेशावर में हुए आतंकी हमले के बाद नेशनल एक्शन प्लान नीति यानी नैप तैयार की थी। इस कदम को उस नीति के तहत ही उठाया गया है। दिसंबर में पेशावर में हुए आर्मी स्कूल पर आतंकी हमले के बाद करीब 150 बच्चे मारे गए थे।
भारत ने भी की थी मांग
जेयूडी को जहां यूनाइटेड नेशंस ने बैन किया हुआ है तो वहीं पाक इसे अब तक एक सामाजिक संगठन मानता आ रहा था। इससे पहले सितंबर में भारतीय विदेशमंत्री सुषमा स्वराज और अमेरिकी रक्षामंत्री जॉन कैरी के बीच हुई मुलाकात हुई थी।
इसके बाद जारी संयुक्त घोषणापत्र में लश्कर और जमात पर असरदार कार्रवाई के लिए मिलकर काम करने की बात कही गई थी।












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