ड्रोन हमले में पेशावर आतंकी हमले के मास्टरमाइंड की मौत
इस्लामाबाद। 16 दिसंबर, 2014 को पाकिस्तान के पेशावर स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड की मौत की खबरें हैं। पाक के एक सीनियर सिक्योरिटी ऑफिसर की ओर से बताया गया है कि इस हमले का मास्टरमाइंड अफगानिस्तान में हुए अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया है।

शनिवार को हुई मौत
अधिकारियों ने सोमवार को पाकिस्तान के न्यूजपेपर डॉन को जानकारी दी कि पेशावर हमले का मास्टरमाइंड उमर मंसूर और एक अन्य आतंकी लीडर सैफुल्लाह को शनिवार को अफगानिस्तान में नांगराहर प्रांत के बंडार इलाके में अमेरिकी ड्रोन हमले में मार गिराया गया है।
एक और ऑफिसर ने बताया कि उसके पास मंसूर और सैफुल्ला के मारे जाने की विश्वसनीय रिपोर्ट है, जो सुसाइड हमलावरों का इंचार्ज रहा है।
आतंकियों की लिस्ट में शामिल
अमेरिका ने 25 मई को उमर मंसूर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था। इससे वह आंतकियों की हिटलिस्ट में शामिल हो गया था। अमेरिका ने यह घोषणा अफगान तालिबान लीडर अख्तर मंसूर के बलूचिस्तान में हुए ड्रोन हमले में मारे जाने के चार दिन बाद 21 मई को की थी।
122 बच्चों की हुई थी मौत
मंसूर ने 16 दिसंबर 2014 को पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल में हुए हमले की पूरी योजना बनाई थी, जिसमें 122 स्टूडेंट्स और 22 शिक्षकों की मौत हो गई थी। यह पाकिस्तान में हुए सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक था। इसके बाद पाकिस्तान की सरकार ने आतंकवादियों के खिलाफ देश में अभियान छेड़ दिया था।
कई हमलों में था शामिल
मंसूर और सैफुल्ला का संबंध तहरीक -ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के तारीक गीदार संगठन से था। खैबर में सैन्य अभियान के बाद मंसूर अफगानिस्तान भाग गया और वह वहीं से सभी गतिविधियों का निरीक्षण करता था।
वह पाकिस्तान एयरफोर्स के बेस पर सितंबर 2015 में हुए हमले के लिए भी जिम्मेदार है। इस हमले में 29 लोगों की मौत हो गई थी। बाचा खान यूनिवर्सिटी में जनवरी 2016 में हुए हमले के पीछे भी मंसूर का हाथ था। इस हमले में 18 छात्रों और फैकल्टी सदस्यों की मौत हुई थी।












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