तालिबान 'इस्लाम' का गलत इस्तेमाल कर रहा है: मलाला

मलाला ने उम्मीद जताई है कि ऐसा भी एक वक्त आएगा जब पाकिस्तान इन सभी सामाजिक बुराईयों से मुक्त होगा, वहां शांति होगी, सभी लड़कियां स्कूल जाएंगी। हमारे यहां की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि लोग इंतजार करते हैं कि कोई उनके लिए काम करे। मलाला ने अपने जन्मदिन के मौके पर संयुक्त राष्ट्र को संबोधित किया था। वहीं इंग्लैंड के प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने मलाला को 'साहस और उम्मीद की एक किरण बताया था।
नोबुल पुरस्कार के लिए नामित की गई मलाला का कहना है कि तालिबान को पाक सरकार से बात करनी चाहिए, हिंसा किसी भी मसले का हल नहीं है। गौरतलब है अक्टूबर 2011 में लड़कियों की शिक्षा का समर्थन करने के कारण मलाला को तालिबानियों ने सिर में गोली मार दी थी। जिसके बाद बर्मिंघम में उसका इलाज किया गया और अब वह स्वास्थ्य लाभ कर रही है।
मलाला को इस दौरान कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।












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