बिल गेट्स के सामने गिड़गिड़ाए इमरान खान, इस नाम पर पैसों के लिए हाथ फैलाए
इस्लामाबाद, 6 अक्टूबर: पाकिस्तान ने अब तालिबानी हुकूमत वाले अफगानिस्तान के लिए दुनियाभर के लोगों के सामने गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान ने पहले इसकी कोशिश कई मुल्कों के सामने की थी, लेकिन जब उसका मंसूबा धरा का धरा रह गया है तो अब उसने अंतरराष्ट्रीय धन्नासेठों के सामने झोली फैलानी शुरू कर दी है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स से कहा है कि वह वित्तीय सहायता देकर अफगानिस्तान को बचाने के लिए आगे आएं। इमरान की उनसे ये बातचीत पोलियो उन्मूलन के दौरान हुई चर्चा के बीच हुई है।
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बिल गेट्स के सामने गिड़गिड़ाए इमरान खान
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को अफगानों के नाम पर तालिबान के लिए अरबपति समाजसेवी बिल गेट्स के सामने झोली फैला दी है। उन्होंने बिल गेट्स से गुजारिश की है कि वो मानवता के नाम पर अफगानिस्तान की जनता की सहायता करें। माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक गेट्स से इमरान खान ने कहा कि अफगानिस्तान की आधी आबादी गरीबी रेखा के नीचे रह रही है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने पाकिस्तानी पीएम के दफ्तर के बयान के हवाले से यह खबर दी है। गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तालिबान की सहायता करने की पैरवी कर चुका है।

'अफगान को वित्तीय सहायता की सख्त आवश्यकता'
दरअसल, बिल गेट्स उस बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के को-चेयरपर्सन हैं, जो पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी पोलियो के खात्मे में मदद कर रहा है। इमरान ने इसी मौके पर हुई बातचीत का फायदा उठाते हुए अफगानिस्तान राग छेड़ा है, जिसकी मौजूदा हालात के लिए सबसे बड़ा कसूरवार पाकिस्तानी हुक्मरान ही हैं। पाकिस्तानी पीएम के दफ्तर से जारी बयान में कहा गया है, 'प्रधानमंत्री ने इस बात को प्रमुखता से रखा है कि अफगानिस्तान की आधी से ज्यादा जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे रह रही है और उन्हें वित्तीय सहायता की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने श्री गेट्स से अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करने पर विचार करने का अनुरोध किया।'

टीकाकरण की कम दर बढ़ा रही है चिंता
दरअसल, वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल जो कि इस दुर्बल करने वाली बीमारी के खिलाफ वैश्विक जंग की अगुवाई कर रहा है, उसका कहना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्ता ही ऐसे देश हैं जहां यह बीमारी अभी भी स्थानीय स्तर पर है। पाकिस्तान में इस साल भी वाइल्ड पोलियोवारस टाइप-1 का एक केस मिला है और अफगानिस्तान में इस वर्ष 1 मामला सामने आया है। हालांकि, दोनों देशों में सर्कुलेटिंग वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियोवायरस टाइप 2 के केस मिल ही रहे हैं और पाकिस्तान में ऐसे 8 और अफगानिस्तान में 43 मामले आए हैं। यह तब होता है, जब समुदाय विशेष में टीकाकरण की दर कम रहती है।

इमरान ने किया गेट्स से वादा पोलियो का पूरी तरह खात्मा करेंगे
अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के मुताबिक पोलियो पोलियोवायरस के कारण होता है और यह एक लाचार करने वाली और जानलेवा बीमारी है। यह अत्यधिक संक्रामक और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। वैसे इमरान ने गेट्स को यकीन दिलाने की कोशिश की है कि उनकी सरकार पाकिस्तान से पोलियो के सभी स्वरूपों को मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने गेट्स फाउंडेशन को इस बीमारी के खिलाफ पाकिस्तान की मदद के लिए धन्यवाद दिया है।

आतंकवादी करते रहे हैं टीकाकरण का विरोध
दरअसल, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बच्चों को पोलियो के खिलाफ टीकाकरण अभियान में आतंकवादियों के विरोध का सामना करना पड़ता है। वे बंदूक की नोक पर इस आधार पर पोलियो वैक्सीन का विरोध करते हैं कि इसकी वजह से बांझपन की समस्या पैदा होती है।












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