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भारत के लिए बैड है पाकिस्‍तान का गुड तालिबान

इस्‍लामाबाद। बुधवार को पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अच्‍छे और बुरे तालिबान के बीच कोई अंतर नहीं है। नवाज शरीफ ने टीटीपी के लिए गुड और बैड का प्रयोग किया हो, लेकिन यह बात भी सही है कि जो तालिबान भारत के लिए गुड तालिबान है, वहीं भारत के लिए बैड तालिबान साबित हो सकता है।

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क्‍या है गुड और बैड तालिबान

नवाज ने गुड तालिबान और बैड तालिबान का प्रयोग ऐसे ही नहीं किया बल्कि इसके पीछे पाक की एक सोची समझी रणनीति है। अफगानिस्‍तान से जब पश्चिमी फौजे चली जाएंगी तो एक तरह से तालिबान के हाथ इस क्षेत्र को नियंत्रित करने का रिमोट कंट्रोल आ जाएगा। नवाज इस बात को काफी बेहतरी से जानते हैं। ऐसे में तालिबान को कभी गुड तो कभी बैड करार देना पाक की रणनीति का अहम हिस्‍सा है।

गुड तालिबान
पाक के लिए गुड तालिबान वह संगठन है जिसका मुखिया है मुल्‍ला उमर जो पाक-अफगान सीमा पर ही कहीं छिपा हुआ है। जो कभी पाक के लोगों पर हमला नहीं करेगा।

बैड तालिबान

बैड तालिबान यानी टीटीपी जो पेशावर और कराची जैसे हमले करके पाक के लोगों को निशाना बनाने का मकसद रखता है।

गुड तालिबान और कश्‍मीर

पाक आर्मी अफगानिस्‍तान के मुल्‍ला उमर वाले तालिबान को ट्रेनिंग मुहैया करा रही है ताकि वह टीटीपी को परास्‍त कर सके। पाक सेना को उम्‍मीद है कि अगर वह नाटो सेनाओं के जाने के बाद से अफगानिस्‍तान और कश्‍मीर में लड़ाई जारी रख पाएगी तो वह सिर्फ मुल्‍ला उमर की वजह से ही हो सकेगा।

पाक के लिए गुड तालिबान भारत के लिए एक बड़ा खतरा है और पाक सेना के भारत के खिलाफ मकसदों को पूरा करने का जरिया। भारत भी इस बात से वाकिफ है कि टीटीपी को कमजोर करने के लिए आईएसआई लश्‍कर और मुल्‍ला उमर वाले तालिबान का प्रयोग कर रही है।

इस बात से जुड़ी कई बातें का खुलासा रिपोर्ट्स में हो चुका है जिसमें इस बात के संकेत मिले हैं कि पाक सेना टीटीपी को हराने के लिए मुल्‍ला उमर वाले तालिबान और लश्‍कर का प्रयोग कर रही है।

पाक के लिए आक्रामक हो गया है टीटीपी

पिछले कई वर्षों से पाक में होने वाले हालातों पर नजर रख रहे विशेषज्ञों की मानें तो टीटीपी अब काफी आक्रामक होता जा रहा है। वह पाक के साथ अपनी लड़ाई जारी रखने के पक्ष में है। वह इस बात से काफी खफा है कि पाक के संस्‍थान अमेरिका के समर्थन में हैं।

वाघा में हुआ हमला टीटीपी की ओर से भारत को दी गई बड़ी चेतावनी में से एक था। हालांकि जब इस हमले की पूरी एनालिसिस की गई तो पता लगा कि टीटीपी किसी भी कीमत पर पाक को सबक सिखाना चाहता है। इसी मकसद से उसने इस हमले को अंजाम दिया।

वहीं भारत की एजेंसियों के मुताबिक फिलहाल टीटीपी का अहम लक्ष्‍य पाकिस्‍तान है। वह खुद को सुरक्षित रखना चाहता है और ऐसे में वह कोई और कदम ऐसा नहीं उठाएगा जो उसे नुकसान पहुंचा सके।

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