नोएडा पुलिस ने किया खुलासा- पत्रकार अतुल अग्रवाल ने गढ़ी थी लूट की झूठी कहानी, नहीं हुई ऐसी कोई घटना
नोएडा पुलिस ने किया खुलासा- पत्रकार अतुल अग्रवाल ने गढ़ी थी लूट की झूठी कहानी, नहीं हुई ऐसी कोई घटना
नोएडा, जून 26: समाचार चैनल के प्रधान संपादक और न्यूज एंकर अतुल अग्रवाल ने 20 जून को फेसबुक पोस्ट लिखकर कुछ बदमाशों द्वारा अपने साथ हुई लूटपाट की जानकारी दी थी। इस मामले ने तूल पकड़ लिया और नोएडा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने शुरू हो गए। हालांकि, अब नोएडा पुलिस ने पत्रकार के झूठ का पदार्फाश कर दिया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है।

दरअसल, अतुल अग्रवाल ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा था, 'शनिवार रात करीब एक बजे राइज पुलिस चौकी से करीब 300 मीटर दूर उनका म्यूजिक सिस्टम बंद हो गया था। जैसे ही वो रुके तो बदमाशों ने उनको घेर लिया। बदमाशों ने उनसे मारपीट करते हुए बंदूक की नोक पर छह हजार रुपए नकद और अंगूठी वगैरह लूट लिए। ये सब तब हुआ जब वो रात करीब एक बजे नोएडा से ग्रेटर नोएडा स्थित अपने घर जा रहे थे।
घटना की तहरीर देने को राजी नहीं थे अतुल अग्रवाल
पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पत्रकार ने अपनी साथ हुई घटना का जिक्र फेसबुक पर तो किया, लेकिन वह इस घटना के खिलाफ तहरीर देने को राजी नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा बताया गया कि, 'सोशल मीडिया पर पत्रकार द्वारा प्रसारित घटना पर तुरंत प्रभारी निरीक्षक व सभी उच्च अधिकारीगण मय फोर्स तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं पत्रकार को फोन कर मौके पर आने के लिए भी कहा गया, लेकिन उनके द्वारा आने से मना कर दिया।'
सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी का आपस में मेल नहीं
मामले की जांच की गई तो पत्रकार द्वारा दिए गए बयान और सर्विलांस रिपोर्ट (सीडीआर व आईपीडीआर) व सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी आपस में मेल खाती नहीं दिखी। पुलिस के मुताबिक, पत्रकार द्वारा यह भी बताया गया था कि सेक्टर 45 पर वह अपनी किसी महिला मित्र के घर खाने पर गए थे। पुलिस ने जब महिला मित्र से जानकारी प्राप्त की तो पता चला की 19 जून को शाम 7.00 बजे पत्रकार महिला मित्र के घर खाने पर गए थे। इसी बीच उनकी पत्नी का कॉल आया और वह तुरन्त उनके घर से निकल गए। वहीं रात 1.20 बजे फिर महिला मित्र को कॉल कर पत्रकार द्वारा सड़कों पर अकेला घूमने की बात कही गई और ओयो रूम्स की तलाश करने का भी जिक्र किया।
ओयो रूम्स में भी अपनै बैंक खाते से पेमेंट की: पुलिस
हालांकि उन्होंने इस दौरान किसी लूट की घटना का जिक्र नहीं किया था। पुलिस के मुताबिक, पत्रकार ने ओयो रूम्स में भी अपनै बैंक खाते से पेमेंट की, जिसकी बैंक स्टैटमेन्ट निकलवा ली गयी है। इन सभी तथ्यो को देखते हुये यह प्रमाणित होता है कि पत्रकार के साथ कोई लूट की घटना नहीं हुई है। वहीं पत्रकार द्वारा अपने निजी पारिवारिक कारणों के वजह से इस झूठी घटना को सोशल मीडिया पर डाला। जिसके कारण लोगों में भय व डर पैदा हुआ है जिसके कारण इनके विरुद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही जल्द की जायेगी।












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