अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : “योग स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत की आधारशिला” — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए मध्य प्रदेश की योजनाओं की रूपरेखा बताई, जिसमें व्यापक 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य' पहलें, सामुदायिक योग सत्र और 'घर-घर योग' अभियान और राज्य द्वारा समर्थित स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से हर घर तक पहुंचने का लक्ष्य शामिल है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और समृद्ध जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसने पूरे विश्व को शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का मार्ग दिखाया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का "समत्वं योग उच्यते" और महर्षि पतंजलि का "योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः" मानव जीवन को स्वस्थ और निरोग बनाए रखने का शाश्वत संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि सदियों पहले ऋषि-मुनियों द्वारा विकसित योग पद्धति आज पूरी दुनिया के लिए सुख, शांति और संतुलन का माध्यम बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। आज 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" रखी गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। "घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग" अभियान के तहत प्रदेश में 800 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा विभिन्न चिकित्सालयों में नियमित योग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रशिक्षित योग शिक्षक छोटे-छोटे समूहों में लोगों को योगाभ्यास करा रहे हैं, जबकि योग-सखी और योग-दूत गांवों और शहरों तक योग का संदेश पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 12 मई से शुरू हुआ "हर घर योग अभियान" जनभागीदारी का नया अध्याय बन गया है। आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित ऑनलाइन योग सत्रों का भी प्रदेशवासियों को लाभ मिल रहा है। हाल ही में इंदौर स्थित मालवांचल यूनिवर्सिटी में आयोजित योग महोत्सव में 35 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने सामूहिक योग कर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग "वन अर्थ-वन हेल्थ" की अवधारणा को व्यवहार में उतारने का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति को स्वयं, समाज और प्रकृति से जोड़ता है तथा जीवन को संतुलित और सार्थक बनाता है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने योग को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा है। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और योग के जरिए स्वास्थ्य संरक्षण पर विशेष कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति और मानव स्वास्थ्य का गहरा संबंध है और योग हमें प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी 2027 में मध्यप्रदेश में "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य और एक चेतना : समग्र कल्याण के लिए योग" विषय पर वैश्विक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत की सभ्यतागत चेतना को वैश्विक मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया तनाव, अवसाद और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का सामना कर रही है, तब योग मानवता के लिए सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरा है। योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और सुखी जीवन का आधार है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ मध्यप्रदेश, विकसित भारत तथा समृद्ध विश्व के निर्माण में सहभागी बनें। उन्होंने सभी नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।












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