IAS Ritu Maheshwari : नोएडा अथॉरिटी की CEO ऋतु माहेश्वरी को क्यों हो सकती है जेल ?
नोएडा, 09 मई: नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी की सीईओ ऋतु माहेश्वरी पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। आईएएस अधिकारी ऋतु माहेश्वरी को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सकता है। दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से गैर जमानती वारंट पर राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचीं ऋतु माहेश्वरी को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एनवी रमना ने कड़ी फटकार लगाते हुए राहत देने से इनकार कर दिया है। ऐसे में अब ऋतु माहेश्वरी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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जानिए क्या है पूरा मामला ?
नोएडा के सेक्टर-82 में डेवलपमेंट अथॉरिटी ने साल 1989 और 1990 में अर्जेंसी क्लॉज के तहत भूमि का अधिग्रहण किया था। भूमि अधिग्रहण के खिलाफ जमीन की मालकिन मनोरमा कुच्छल ने चुनौती दी थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने साल 2016 में मनोरमा कुच्छल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्राधिकरण के द्वारा लिए गए जमीन अधिग्रहण को रद्द कर दिया था। साथ ही प्राधिकरण को आदेश दिया था कि याचिकाकर्ता को सर्किल रेट से दोगुने दरों में मुआवजा दिया जाए।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेशों के खिलाफ प्राधिकरण सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसला मनोरमा के पक्ष में पक्ष में सुनाया और प्राधिकरण को इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का पालन करने का आदेश दिया।
इस आदेश के बावजूद मनोरमा को मुआवजा नहीं दिया गया।

याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में दाखिल की थी अवमानना याचिका
इसके बाद याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अवमानना की याचिका दाखिल की। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण की सीईओ ऋतु माहेश्वरी को दो बार कोर्ट में बुलाया, लेकिन वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुईं। शुक्रवार को माहेश्वरी के वकील रविंद्र श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया था कि वह 10:30 बजे विमान से उड़ान भरेंगी।

सुप्रीम कोर्ट ने माहेश्वरी को दिया झटका
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऋतु माहेश्वरी के खिलाफ अवमानना मामले में पेश नहीं होने पर गैर जमानती वारंट जारी किया था। माहेश्वरी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में मामले में जल्द सुनवाई की मांग करते हुए, मामले में अंतरिम राहत की मांग की थी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने माहेश्वरी को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आप हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करते तो आपको इसका नतीजा झेलना होगा।

हर रोज इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन होता है: SC
सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, कहा आप आईएएस अधिकारी हैं, आपको नियम पता है। सीजेआई एनवी रमना ने कहा कि हर दूसरे दिन कुछ अधिकारी गंभीर मामलों में भी निर्देश के लिए कोर्ट आ जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हर रोज इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन होता है। यह दिनचर्या हो गई है, हर रोज एक अधिकारी कोर्ट आ जाता है, यह क्या है? आप अदालत के आदेश का सम्मान नहीं करते।












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