मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण से पहले विवाद शुरू, राजपूतों ने दी आंदोलन की चेतावनी
नोएडा, 20 सितंबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ग्रेटर नोएडा दौरे से पहले नया विवाद शुरू हो गया है। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दादरी में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसे लेकर घमासान मच गया है। राजपूत संगठन और समाज के लोगों में इसको लेकर कड़ी आपत्ति है कि सम्राट मिहिर भोज को गुर्जर राजा के रूप में दर्शाया जा रहा है, जो कि गलत है।

दो साल पहले तैयार हो गई थी प्रतिमा
दरअसल, ग्रेटर नोएडा के दादरी मे गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के 12 फीट की प्रतिमा का अनावरण सीएम योगी आदित्यनाथ से कराने की तैयारी है। यह प्रतिमा सम्राट मिहिर भोज के नाम पर बने पीजी कॉलेज में लगी है। ये प्रतिमा दो साल पहले ही तैयार कर ली गई थी, लेकिन कोरोना की वजह से अनावरण नहीं हो पाया था। अब 22 सितंबर को इस प्रतिमा का अनावरण होने जा रहा है।
राजपूत समाज ने जताई आपत्ति, दी आंदोलन की चेतावनी
सम्राट मिहिर भोज को गुर्जर सम्राट बताने पर राजपूत समाज ने आपत्ति व्यक्त की है। राजपूत समाज का मानना है कि मिहिर भोज राजपूत समाज के पूर्वज हैं। राजपूतों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 9वीं सदी के शासक मिहिरभोज की प्रतिमा का उद्घाटन करने की योजना पर आंदोलन की चेतावनी दी है। राजपूतों ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया है।
'इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं बर्दाश्त करेगा राजपूत समाज'
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष ऋषिपाल परमार ने कहा कि दादरी में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण सीएम योगी आदित्यनाथ गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के नाम से करने आ रहे हैं, जिसका राजपूत समाज पुरजोर विरोध करता है। उन्होंने कहा कि सम्राट मिहिर भोज के वंशज आज भी नागौर में राजकुमार के किले में रहते हैं। उन्होंने लिखकर दिया है कि हम लक्ष्मण के वंशज राजपूत हैं न कि गुर्जर। राजपूत समाज इतिहास के साथ छेड़छाड़ कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता।












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