...तो इसलिए आती है भूकंप, ऐसे करें अपना बचाव
नयी दिल्ली। नेपाल में उसके इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा भूकंप आया है। जलजले ने पूरे नेपाल समेत भारत, पाकिस्तान, बंग्लादेेश को भी हिला कर रख दिया। भूकंप की तीव्रता इतनी थी कि अब तक 717 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है और ये आंकड़े अभी और बढ़ने की पूरी आशंका है। भूकंप का केंद्र नेपाल का काठमांडू था। नेपाल में आए भूकंप का भारत पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है। 25 लोगों के बारे जाने की खबरें है। ऐसे में आपका ये जरुरी है कि आखिर ये भूकंप आते कैसे हैं?

क्यों आता है भूकंप
भूकंप का आना या पृथ्वी का कंपन होना एक प्रकृतिक क्रिया है, जिसे किसी भी तरह से रोका नहीं जा सकता है। अगर पृथ्वी की बनावट के देखें तो धरती की बाहरी सतह 7 प्रमुख और कई छोटी प्लेट्स में बंटी हैं। जबकि पूरी धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। इसके नीचे तरल पदार्थ लावा है। ये प्लेटें इसी लावे पर तैर रही हैं। कई बार तैरने के दौरान ये प्लेटें आपस में टकराती हैं।
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लगातार टक्कर से इनके कोने मुड़ने लगते हैं। जिसके कारण इन प्लेट्सकी दवाब सहने की क्षमता खत्म हो जाती हैं और वो टूटने लग जाती हैं। इसके कारण उसके नीचे मौजूद ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती है और इससे कंपन होता है। इसी कंपन को भूकंप करते है।

भूकंप आने पर कैसे करें बचाव
प्रकृतिक आपदाओं के लिए आपदा किट तैयार रखें, जिसमें रेडियो, मोबाइल, जरूरी कागजाजत, टार्च, माचिस, चप्पल, मोमबत्ती, कुछ पैसे और जरूरी दवाएं रखें।
भूकंप आने पर बिजली और गैस बंद रखें।
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भूकंप के वक्त लिफ्ट का प्रयोग न करें।
भूकंप आने पर खुले स्थान पर जाएं, बिल्डिंग से दूर खड़े हों, पेड़ व बिजली की लाइनों से दूर रहें।













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