कांग्रेस में नहीं चलीं कृष्णा तीरथ, पर भाजपा में चांदी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)। अठन्नी बिंदी लगाने वाली कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ के बीजेपी में शामिल होने से पार्टी को क्या लाभ होगा, किसी को मालूम नहीं। वो कभी भी बड़ी या असरदार नेता नहीं रही। कभी जनता के लिए कोई काम किया हो, उनके करोल बाग क्षेत्र में जाकर पूछ लीजिए। आपको जवाब नेगेटिव में मिलेगा। बहरहाल, अगर भाजपा यह मानती है कि तीरथ के पार्टी से जुड़ने से पार्टी के पाले में दलित वोटर आएंगे तो यह उनकी गलतफहमी है।

वो पिछला लोकसभा चुनाव बुरी तरह से हार गईं थीं भाजपा के उदित राज से। वो हमेशा अपने को दलित होने का लाभ लेती रहीं। दिल्ली सरकार में भी मंत्री रहीं एक दौर में। पार्टी में शामिल होने के बाद सोमवार को उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ भी मुलाकात की. दूसरी ओर कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि उन्हें कृष्णा तीरथ के पार्टी छोड़ने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
कहते हैं कि कृष्णा तीरथ कांग्रेस के उन नेताओं में एक हैं, जिन्हें पार्टी में कोई पूछ नहीं रहा था। मीडिया ने उन्हें कांग्रेस के 'अंडरग्राउंड' लीडर्स की लिस्ट में डाल दिया था। हालांकि सच्चाई यह है कि उनका अपना कोई वजूद ही नहीं रहा। वो घोषित अवसरवादी रही हैं। अब देखना यह है कि क्या उनका भाजपा में पुनर्वास होगा।
कृष्णा तीरथ के बारे में पहले खबर थी कि उन्हें दिल्ली विधानसभा चुनाव में लड़ाया जा सकता है। अजय माकन के चुनाव प्रचार कमेटी अध्यक्ष बनते ही ऐसी चर्चा शुरू हो गई थीं। बता दें कि तीरथ के सुसर टी.सोहनलाल करौल बाग सीट से एक दौर में सांसद होते थे।












Click it and Unblock the Notifications