दिल्ली वाले नहीं बनवाते लड़कियों के ड्राइविंग लाइसेंस
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) भले ही जीवन के सभी क्षेत्रों में लड़कियां आगे आ रही हैं, पर राजधानी में नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों में इनका आंकड़ा पांच फीसद के आसपास ही रहता है। शेष लड़के ही ड्राइविंग लासेंस बनवाते हैं।
दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर लड़कियां लाइसेंस नहीं बनवाती। अब भी परिवारों में ड्राइविंग लाइसेंस लड़कों के ही बनवाए जाते हैं। लोगों को लगता है कि लड़कियां तो ड्राइविंग लाइसेंस शादी के बाद भी बनवा सकती है।
गिनती की लड़कियां
राजधानी के कड़कड़डूमा इलाके में स्थित ट्रांसपोर्ट विभाग के दफ्तर में वन इंडिया के संवाददाता ने देखा कि लाइसेंस बनवाने के लिए आए करीब 100 लोगों में गिनती की लड़कियां या महिलाएं थीं। शेष सभी पुरुष या लड़के थे। कुछ खासे बुजुर्ग भी लोग पहुंचे हुए थे अपने लाइसेंस को रीन्यू करवाने के लिए। यानी कि उनमें अब भी कार चलाने का हिम्मत बची हुई है।
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गायब दलाल
हालांकि वहां पर जाकर एक बात बेहतर लगी कि सारा कामकाज बिल्कुल पारदर्शी अंदाज से हो रहा है। कहीं कोई दलाल नहीं बैठा। लाइसेंस के लिए फॉर्म भरने के काम में 15 मिनट से ज्यादा नहीं लगते। स्टाफ भी काफी सहयोग कर रहा था लाइसेंस बनवाने या रीन्यू करवाने के लिए आने वाले लोगों के साथ।













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