तस्वीरों में देखें दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर दिल्ली, हर साल होती हैं 10 हजार मौतें
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। भारत जितनी तेजी से विकास की सीढि़यां चढ़ रहा है उससे कहीं तेज उसके शहर प्रदूषण की ओर बढ़ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी की गई सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में भारत के सबसे ज्यादा शहर हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से कराए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि दिल्ली दुनिया का सबसे ज़्यादा प्रदूषित शहर है।
भारत की राजधानी में वायु प्रदूषण का स्वरूप 2.5 माइक्रॉन्स से कम पीएम 2.5 सघनता के तहत आता है, जो सबसे गंभीर माना जाता है। साफ शब्दों में कहें तो दिल्ली में जहरीली हवा चलती है जो जान लेने के लिए काफी है। वायु प्रदूषण पर अधूरी जांच रिपोर्ट को लेकर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार की खिंचाई भी की है। तो आईए अब तस्वीरों में देखते हैं दिल्ली का चेहरा:

हर साल 10,500 मौतें
दिल्ली में हर साल वायु प्रदूषण के चलते लगभग 10 हतार 500 लोगों की मौत होती है।

दिल्लीवासियों को अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस
पूदषण का सबसे ज्यादा असर फेफड़े पर पड़ता है जिसके चलते दिल्ली में अस्थमा की बीमारी बढ़ती जा रही है। प्रदूषण के चलते ही दिल्ली में कैंसर के भी कई मामले सामने आए हैं।

यमुना में 3,000 मिलिययन लीटर सीवेज का पानी
दिल्ली में अनेक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रयोग में लाए जा रहे हैं। अनेक पुराने प्लांटों की सफाई की गयी है। कुल 16 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट काम कर रहे हैं। इनकी कुल कार्य क्षमता लगभग 2280 मिलियन लीटर प्रतिदिन शोधन की है। अभी दिल्ली के जल-मल की मात्रा 3000 मिलियन लीटर प्रतिदिन है।

यमुना में जिंदा नहीं रह सकती समुद्री मछलियां
यमुना नदी में समुद्री मछलियां नहीं रह सकती। यहां तक की यमुना में मिलने वाली रोहू, कतला, पेहना, चेल्वा और केवाई मछली खाने से स्नायु विकार, चर्म रोग और कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

इसी पानी को आप पीते हैं
यमुना नदी का पानी करीब सात मीटर अंदर तक जहरीला हो गया है। इसके पानी से न नहाया जा सकता और न इसे पिया जा सकता।

केमिकल युक्त पानी से होती है सिंचाई
यमुना का पानी सिचाई के काम में लिया जाता है। जांच में पाया गया है कि यमुना के पानी में खतरनाक केमिकल हैं जो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के लिए प्रायप्त है। आप के घर जो सब्जियां जा रही है वो भी यमुना के पानी से ही बड़ी हुई हैं। यानि आपके भोजन में भी केमिकल पहुंच रहे हैं।

एक दिन में 15 हजार टन कूड़ा
दिल्ली में हर रोज लोग 15 हजार टन कूड़ा सड़कों पर फेंक देते हैं।












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