बन गया तीसरा मोर्चा, पीएम पद को लेकर कोई झगड़ा नहीं

वहीं सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने कहा कि देश को सांप्रदायिकता से बचाने के लिए हमें एक ऐसे ही मोर्चे की जरूरत है। क्षेत्रीय पार्टियां राष्ट्रीय दलों को आम चुनाव में सबक सिखा देंगी। मुलायम ने उम्मीद जताई कि इन दलों की संख्या 15 से भी अधिक हो सकती है। पत्रकारों द्वारा सवाल पूछने पर नीतीश कुमार ने कहा कि हम सांप्रदायिक शक्तियों को रोंकने के लिए एकत्र हुए हैं, उन्होने कहा कि अब वह वापस एनडीए में कभी नहीं जाएंगे, भले ही नरेंद्र मोदी की जगह किसी और को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया जाए।
तीसरे मोर्चे के बीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक इस बैठक में नहीं आ सके। इस बैठक में झारखंड विकास मोर्चा के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। वाम नेता प्रकाश करात ने बताया कि तीसरा मोर्चा ही भाजपा और कांग्रेस का विकल्प है, जो कि धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक है। हमारी कोशिश है कि हम भाजपा और कांग्रेस को सत्ता में आने से रोंके। करात ने कहा कि हम प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी का फैसला चुनाव बाद करेंगे। करात ने मोदी को धर्मनिरपेक्ष भारत के लिए खतरनाक बताया। करात के अनुसार हम सबने मिलकर देश के लिए बेहतर करने का फैसला कर लिया है। जयललिता इस बैठक में नहीं शामिल हो सकीं, इसके पहले उन्होने कहा था कि हमारा उद्देश्य पूरे देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाना है, हम सिर्फ तमिलनाडु के लिए काम नहीं करेंगे।
तीसरे मोर्चे की सरकार को नकारे जाने और इसके गठन के बाद अब राजनीति परिदृश्य में बदलाव हो सकते हैं। कुछ राजनीतिक विशेषज्ञों ने इस मोर्चे की संभावना को प्रधानमंत्री पद के लिए आपसी कलह होने की संभावना के कारण भी इनकार कर दिया।












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