6 सगी बहनें बनीं वैज्ञानिक, 4 USA-कनाडा में कर रहीं सरकारी नौकरी, ताने मारने वाले अब करते हैं गर्व
नई दिल्ली। बेटियां बोझ नहीं हैं। इन्हें पढ़ने लिखने और आगे बढ़ने का अवसर तो दीजिए और फिर देखिए ये शिक्षा व मेहनत के दम पर कामयाबी की नई कहानी लिखने में देर नहीं लगाती हैं।

इस बात का उदाहरण है जगदेव दहिया का परिवार। हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव मदाना निवासी जगदेव दहिया के छह बेटियां हैं। सबके पास पीएचडी की डिग्री है। सभी वैज्ञानिक हैं। छह में से पांच बेटियां तो सरकारी नौकरी लग चुकी हैं। इनमें से चार बेटी तो कनाडा और अमेरिका में कार्यरत हैं।

2006 में रिटायर हो गए जगदेव दहिया
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में जगदेव दहिया ने बताया कि वे हरियाणा शिक्षा विभाग में कार्यरत रहे हैं। वर्ष 2006 में हैड मास्टर पद से रिटायर गए। जगदेव व उनकी पत्नी ओमवती के छह बेटी व एक बेटा हुआ। दोनों ने अपने सभी बच्चों को खूब पढ़ाने-लिखाने का फैसला किया।

म्हारी छोरियां छोरों से कम है के?
जगदेव दहिया कहते हैं कि ' म्हारी छोरियां छोरों से कम है के ' । हमारे परिवार ने कभी बेटा बेटी में फर्क नहीं समझा। सबको अच्छी शिक्षा और संस्कार दिए। नतीजा आज हम सबके सामने है कि सभी बेटियां कामयाब हो गई, जो किसी माता पिता के सबसे बड़ी की बात है।

जगदेव दहिया की बेटियां
1. डॉ. संगीता सिंह
फिजिक्स से पीएचडी कर रखी है। सोनीपत के जीवीएम कॉलेज में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर कार्यरत हैं। महाप्रयोग प्रोजेक्ट में भी योगदान दे चुकी हैं। इसके अलावा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में दो बार इंटरनेशल लेवल की कॉन्फ्रेंस में हिस्सा ले चुकी हैं। उनमें इनके रिसर्च पेपर पर चर्चा हुई।

2. डॉ. मोनिका सिंह
दूसरे नंबर की इस बेटी ने बायोटेक में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में मोनिका सिंह टोरंटो कनाडा में खुद का बिजनेस भी संभालती हैं। इससे पहले टोरंटों में सरकारी नौकरी में रहते हुए रिसर्च करती थीं। बिजनेस के लिए नौकरी छोड़ दी।

3. डॉ. कल्पना दहिया
गणित विषय में पीएचडी कर चुकी हैं। वर्तमान में यूआईटी चंडीगढ़ में बतौर सरकारी प्रोफेसर रिसर्च कर रही हैं। कनाडा और अमेरिका के इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में इनके भी शोध पेपर पर चर्चा हो चुकी है।

4. डॉ. नीतू दहिया
चौथी बेटी नीतू अमेरिका में फूड एंड ड्रग साइटिस्ट हैं। 2006 में अमेरिका में सरकारी नौकरी लगी थीं। नीतू भी अपनी अन्य बहनों की तरह काफी प्रतिभाशाली हैं।

5. डॉ. डेजी दहिया
ये भी गणित में पीएचडी धारक हैं। फिलहाल यूएसए के वाशिंगटन डीसी के इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में रिसर्च कर रही हैं।

6. डॉ. रुचि दहिया
सबसे छोटी बेटी रुचि दहिया भी बड़ी बहनों के नक्शे कदम पर है। ये अमेरिका के एरिजोना स्टेट में रिसर्च कर रही हैं। गणित विषय में पीएचडी की है।

विदेशों में कैसे पहुंची ये बेटियां
जगदेव कहते हैं कि मोनिका सिंह शादी के बाद पति के साथ टोरंटों कनाडा गई थी और वहां सरकारी नौकरी लग गई। जब शेष अन्य बेटियों ने हरियाणा में रहते हुए ऑनलाइन आवेदन किए थे। सरकारी नौकरी मिलती गई और वे भारत से अमेरिका-कनाडा शिफ्ट होती गईं। जगदेव कहते हैं उनके अपनी बेटियों पर गर्व है। स्कूल-कॉलेज के समय से ही बेटियां काफी होनहार थीं। मोनिका, कल्पना, नीतू, डेजी और रुचि सेकंड टॉपर भी रही हैं।

हरियाणा के मशरूम मैन हैं जगदेव दहिया
जगदेव दहिया एक बेहतरीन शिक्षक होने के साथ-साथ हरियाणा के मशरूम मैन भी हैं। ये दावा करते हैं कि हरियाणा में मशरूम की खेती की देन उन्हीं की है। हरियाणा में सबसे वर्ष 1980 में जगदेव ने मशरूम की खेती शुरू की थी। हिमाचल प्रदेश के सोलन से मशरूम का प्रशिक्षण लेकर आए और फिर हरियाणा के किसानों को भी ट्रेनिंग दी। 1992 से 1998 तक मशरूम सोसायटी ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष भी रहे हैं।












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