केजरीवाल कैबिनेट से क्यों निराश हैं सिख-पंजाबी?
नई दिल्ली (विवेक शक्ला)। अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट में किसी सिख या पंजाबी को स्थान ना मिलने से सिख और पंजाबी समाज में निराशा का भाव है। एक दौर में दिल्ली में पंजाबी के बिना कैबिनेट बनने की कतई उम्मीद नहीं की जाती थी।
अरविंद केजरीवाल के साथ कल जो विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे, उनमें वैश्य, ब्राहमण, मुसलमान वगैरह तो हैं, पर सिख या पंजाबी कोई नहीं है। हालांकि आम आदमी पार्टी की टिकट पर कई सिख और पंजाबी विजयी हुए हैं।
कहां गए पंजाबी
एक दौर में मदनलाला खुराना, महेन्द्र सिंह साथी, अजय माकन,डा. अशोक वालिया,किरण वालिया जैसे दिग्गज दिल्ली सरकार में मंत्री होते थे। शाहदरा के व्यापारी मनोज सहगल ने कहा कि केजरीवाल को अपने मंत्रियों या स्पीकर या डिप्टी स्पीकर में से कोई पद सिख या पंजाबी समाज को देना चाहिए था। बहरहाल उनकी कैबिनेट के नए नामों से हम लोग निराश हैं।
सिखों की अनदेखी
पहले माना जा रहा था कि राजौरी गार्डन से चुने गए जरनैल सिंह को कैबिनेट में जगह मिल जाएगी। वे एक दौर में पत्रकार रहे हैं। पढ़े-लिखे हैं। जुझारू हैं। ईस्ट दिल्ली सिख समाज के प्रमुख अवतार सिंह ने कहा कि उन्हें कैबिनेट मंत्रियों के नाम देखकर हैरानी हुई है। केजरीवाल ने किसी सिख या पंजाबी को अपनी कैबिनेट में नहीं लिया। वे मानते हैं कि इससे कोई बहुत सकारात्मक संदेश नहीं जाएगा।
सिख थे स्पीकर
महत्वपूर्ण है कि नई सरकार के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर भी गैर-सिख और गैर-पंजाबी हैं। जबकि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के स्पीकर सिख थे। इस बीच, केजरीवाल के खासमखास मनीष सिसोदिया दिल्ली सरकार में उप मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि केजरीवाल के निकट सहयोगी सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के अलावा पूर्ववर्ती आप सरकार में रह चुके सौरभ भारद्वाज, राखी बिड़ला, सोमनाथ भारती और गिरीश सोनी को इस बार कैबिनेट में शामिल किए जाने की संभावना नहीं है। इस बार जीतेंद्र तोमर (त्रिनगर), कपिल मिश्रा (करावल नगर), संदीप कुमार (सुल्तानपुरी माजरा) और आसिम अहमद खान (मटिया महल) को मंत्रिमंडल में शामिल करने का निर्णय लिया है। ये चारों पहली बार विधायक बने हैं। ।
नया मंत्रिमंडल शनिवार को शपथ ग्रहण करेगा। सिसोदिया पूर्ववर्ती आप सरकार में दूसरे नंबर पर थे और उन्होंने शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, शहरी विकास एवं लोकनिर्माण विभाग जैसे अहम विभाग संभाले थे। पूर्ववर्ती आप सरकार में स्वास्थ्य विभाग संभालने वाले और दूसरी बार शकूर बस्ती से विधायक बने जैन को इस बार भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
रामनिवास गोयल (शाहदरा) को दिल्ली विधानसभा का अध्यक्ष और शालीमार बाग से जीत दर्ज करने वाली बंदना कुमारी को उपाध्यक्ष बनाया जा रहा है।
-
वर्ल्ड कप जीत के बाद ट्रेन से घर पहुंचा भारतीय क्रिकेटर, टिकट चेक में लगभग पकड़ा गया, बीवी ने झूठ बोल बचाया -
Rahul Gandhi Wedding Visit: कौन है दुल्हन तनु, जिसकी शादी में पहुंचे राहुल गांधी? तोहफे में क्या-क्या दिया? -
Balen Shah Caste: पिता मधेशी और मां पहाड़ी, आखिर किस जाति से हैं बालेन शाह, इंटरनेट पर क्यों हो रहा विवाद? -
धोनी ने उड़ाया मजाक, तो अब आया गौतम गंभीर का बेबाक जवाब, हेड कोच ने किया कभी नहीं हंसने का खुलासा -
Hansika Motwani Divorce: 4 साल में ही इन 4 गलतियों से टूटी हंसिका की शादी? कितनी Alimony मिली-कितने बच्चे? -
LPG Gas Price Today: आज आपके शहर में कितने बढ़े एलपीजी गैस के दाम? सिलेंडर बुक करने से पहले चेक करें कीमत -
LPG के बाद क्या पेट्रोल पर भी संकट? केंद्र सरकार ने दिया ये जवाब -
'4 बच्चों के लिए सही पति की मार, जबरन मुस्लिम बनाया', कौन हैं Sayali Surve, जिनकी हुई हिंदू धर्म में वापसी? -
Guru Margi 2026: गुरु हुए मार्गी, बदलने वाली इन 4 राशियों की किस्मत, शुरू होगा गोल्डन टाइम -
48000000 की प्राइज मनी से भरा पाकिस्तान का कटोरा, टी20 विश्व कप हारने पर भी मिले कई टीमों से ज्यादा पैसे -
Rabi Lamichhane Caste: ब्राह्मण या क्षत्रिय? किस जाति से हैं नेपाल के भावी डिप्टी PM रवि लामिछाने -
ईशान किशन ने गाड़ा झंडा, करियर की बेस्ट ICC रैंकिंग से हिलाया पाकिस्तानी का सिंहासन, टॉप 10 में भारत का दबदबा













Click it and Unblock the Notifications