जेएनयू में नया हंगामा, परिसर में टेंट लगाकर रह रहे ओबीसी छात्र
नई दिल्ली। जवाहर लाल विश्ववविद्यालय में दो छात्र हॉस्टल ना मिलने पर परिसर में टेंट लगाकर रह रहें हैं।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हॉस्टल की मांग पूरी ना होने दो छात्रों ने विरोध का ऐसा तरीका चुना है कि प्रशासनिक विभाग के नाक में दम हो गया है।
जेनएनयू में एम. फिल के दो छात्र ओमप्रकाश महतो और कार्तिक रजा इन दिनों जेएनयू के प्रशासनिक भवन के सामने रह रहे हैं। दोनों ने अपना-अपना तंबू गाड़ा हुआ है।
पिछले पांच दिन से ये दोनों छात्र तंबू में रह रहे हैं। इन छात्रों का कहना है कि उन्हें कई बार आवेदन के बावजूद हॉस्टल नहीं मिला, ऐसे में उनके पास तंबू में रहने के अलावा कोई चारा नहीं है।
ओमप्रकाश महतो और कार्तिक रजा ने एम.ए के लिए यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। एम. ए. पूरा होने के बाद उनको हॉस्टल से निकाल दिया गया। इसके बाद दोनों ने फिर से एम.फिल में दाखिला लिया।
गैरकानूनी है छात्रों की मांग
एम. फिल. के ये दोनों छात्र पहले माही-मांडवी हॉस्टल के टैरेस पर भी रहे, इसे गैर-कानूनी बताते हुए वार्डन ने उन्हें हटा दिया। ओबीसी वर्ग से आने वाले इन छात्रों ने अब प्रशासनिक भवन के सामने डेरा डाल दिया है।
इन छात्रों का कहना है कि वो बाहर रहने का खर्च नहीं उठा सकते ऐसे में वो कहां जाएं। वहीं दूसरी ओर जेएनयू प्रशासन ने इसे पूरी तरह गैर कानूनी बताया है।
जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार का कहना है कि इस तरह से परिसर में तंबू गाड़ना गैर-कानूनी है। उन्होंनने कहा कि मांग के हिसाब से हॉस्टल कम हैं, ऐसे में सभी को हॉस्टल मिलना कैसे संभव है।
वहीं दूसरी ओर हॉस्टल की मांग कर रहे छात्रों को विश्वविद्यालय के दूसरे छात्रों का सहयोग मिला है। जेएनयू छात्र संघ का कहना है कि विश्वविद्यालय को छात्रों को हॉस्टल मिलना चाहिए।












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