RTI के हीरो अरविंद केजरीवाल नहीं दे रहे सच का हिसाब

उनकी सरकार कई मुद्दों पर पूछे गए प्रश्नों के जवाब नहीं दे रही है। समाचार पत्र के मुताबिक नोएडा के रहने वाले देव आशीष भट्टाचार्य ने आरटीआई कानून के तहत आम आदमी पार्टी में दो आवेदन दिए, लेकिन 22 विभागों का चक्कर काटने के बाद भी इनसे उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। देव आशीष ने केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके दो महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में जानकारी मांगने के लिए आरटीआई कानून का सहारा लिया।
मुफ्त पानी और बिजली दरों में कटौती से जुड़े मामले में जानकारी के लिए उन्होंने अपना पहला आवेदन दिया जबकि उनका दूसरा आरटीआई आवेदन आम आदमी पार्टी सरकार के रामलीला मैदान में शपथ पर किए गए खर्च और सीएम के आवंटित भगवान दास रोड स्थित बंगले की मरम्मत से संबंधित था, लेकिन पूरा महीना बीत जाने के बावजूद भी उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। 22 विभागों के चक्कर काटने के बाद उन्हें निराशा हाथ लगी। ज्यादातर विभागों ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि यह मामला उनके अधीन नहीं आता।
आवेदक को जानकारी देने की बजाय उसके आवेदन को कई इधर-उधर के विभागों में भेज दिया गया। पूर्व सेंट्रल इंफॉर्मेशन कमिश्नर शैलेश गांधी ने इस मामले को हास्यास्पद बताया है। उनके मुताबिक यह सूचना मांगने वालों को तंग करने का एक तरीका है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल की सरकार पर सूचना मुहैया नहीं कराने का आरोप लग रहा हैं।












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