दिल्‍ली में अलगाववादी नेता यासिन मलिक को मध्‍यरात्रि में होटल से बाहर फेंका

No place for Kashmiris in Delhi, says Yasin Malik
नई दिल्‍ली। नरेंद्र मोदी की जम्‍मू कश्‍मीर रैली के बाद जब पूरे देश में राज्‍य में लगी धारा 370 पर चर्चा हो रही है। ऐसे में कश्‍मीर के अलगाववादी संगठन जम्‍मू कश्‍मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) ने एक कथन जारी कर पूरे देश में कश्‍मीरियों की स्‍वीकार्यता पर सवाल उठाये हैं। जेकेएलएफ ने बताया कि संगठन के नेता यासिन मलिक को 2 दिसम्‍बर की रात को उसकी पत्‍नी और 18 माह के बच्‍चे के साथ दिल्‍ली के होटल से बाहर निकाल दिया गया, जिससे कि उन्‍हें कई घंटे सड़क पर ही बिताने पड़े।

जेकेएलएफ के प्रवक्‍ता ने कहा कि यासिन अपने परिवार के साथ दिल्‍ली गया था और रविवार को निजामुद्दीन के निकट होटल में दो कमरे बुक किये लेकिन मैनेजमेंट ने रात को ही उनसे होटल खाली करने को कहा। प्रवक्‍ता ने कहा कि अगर हमारे नेता को सिर्फ उनकी विचारधारा के कारण होटल छोड़ना पड़ता है और दिल्‍ली के लोग नाराज हो जाते हैं तो हमें जल्‍द ही एक ऐसा कानून बनाना चाहिए कि जिससे कि कश्‍मीर के लोग देश की राजधानी न जा सकें।

जेकेएलएफ के अनुसार इस तरह की हरकतें कभी भी कानून के दायरे में नहीं लाई जा सकती हैं। गौर हो कि जेकेएलएफ को कश्‍मीर में एक अलगाववादी संगठन के तौर पर जाना जाता है और इसके अध्‍यक्ष यासिन मलिक के आतंकवादियों से संबंध होने की बात कही जाती है। यासिन मलिक उस समय चर्चा में आया जब उसने दिल्‍ली के संसद भवन पर हमले के आरोपी अफजल को फांसी दिये जाने के बाद हाफिज सईद के साथ मंच साझा किया था।

यासिन की पहचान एक भारत विरोधी नेता के रूप में भी है।

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