चुनाव से पहले बिछेगी तीसरे मोर्चे की बिसात, एक्शन में नीतीश-मुलायम

जयललिता की अन्नाद्रुक पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच हाल ही में हुए गणबंधन के समझौते ने चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे की संभावना को बढ़ाया है। इन्हीं संभावनाओं के बीच दिल्ली में 11 ग़ैर-कांग्रेसी और ग़ैर-भाजपाई राजनीतिक दलों के लोकसभा और राज्यसभा के नेताओं की बैठक हो रही है, जिसमें तीसरे मोर्चे की संभावनाओं को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
तीसरे मोर्चे की इस मुहिम की अगुवाई जेडीयू के नीतीश कुमार और समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव कर रहे हैं। थर्ड फ्रंट को लेकर दोनों ही नेता एक्शन में आ गए है। नीतीश और मुलायम के अलावा जेडीएस के नेता देवोगौड़ा, एआईएजीएमके की जयललिता और बीजेडी के नवीन पटनायक भी शामिल हो सकते हैं। तीसरे मोर्चे के लिए चलाई जा रही मुहिम की ये दूसरी अहम बैठक है। तीसरे मोर्चे के हो रहा इस बैठक में सबकी निगाहें यूपीए के सहयोगी शरद पवार और फारुक अब्दुल्ला पर भी हैं। इन दिनों जिस तरह से शरद पवार और उनके नेता भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी को क्लीन चिट दे रहे है उससे लगता है कि उन्होंने अपनी संभावनाएं खोल दी है।












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