मोदी को मनमोहन या चिदंबरम के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं: जेटली

अरूण ने अपने पोस्ट पर लिखा है कि-
यह टिप्पणी ऐसे व्यक्ति ने की है जो कि खुद को अर्थशास्त्र का महाविद्वान कहते हैं लेकिन फिर भी भारत का सकल घरेलू उत्पाद 5 प्रतिशत से नीचे चला गया है, जो कि देश के लिए एक बुरा सपना है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पी वी नरसिम्हा राव अर्थशास्त्र के विद्वान नहीं थे लेकिन उनके नेतृत्व में देश ने तरक्की की। किसी नेतृत्वकर्ता के शासनकाल का मूल्यांकन उसके प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है न कि उसके ज्ञान के आधार पर।
किसी सरकार को सलाह देने के लिए विशेषज्ञ हमेशा ही मौजूद रहते हैं, वाजपेयी और नरसिम्हा ने अपने विशेषज्ञों के ज्ञान का लाभ उठाया और देश को प्रगति के रास्ते पर ले गये। वहीं नरेंद्र मोदी ने खुद को अर्थशास्त्र का विद्वान कभी नहीं कहा लेकिन अपने नेतृत्व में आज गुजरात को उद्योगों के निवेश का हब बना दिया। मोदी ने अपने नेतृत्व में साबित कर दिया कि वह अपने स्रोतों और विशेषज्ञों का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं, क्या राहुल गांधी ये बताएंगे कि देश को लेकर उनकी इकानॉमिक पॉलिसी क्या है?












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