Guru Gobind Singh: गुरु गोविन्द सिंह का प्रकाश पर्व आज, कैलाश गहलोत ने दी बधाई
Guru Gobind Singh Jayanti 2024: सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी का आज (17 जनवरी) 357वां प्रकाश पर्व है। गुरु गोबिंद सिंह की जयंती और 357वें प्रकाश पर्व पर आप नेता और दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कोटि-कोटि नमन किया।
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से गुरु गोबिंद सिंह की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, 'धर्म की रक्षा और मानव कल्याण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान योद्धा, सिखों के दसवें गुरु परम पूज्य श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!'
गुरु गोबिंद सिंह जी सिखों के नौवें गुरु तेगबहादुर के पुत्र थे और इनका जन्म पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था। तभी से हर साल इस तिथि पर गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती मनाई जाती है। बात दें कि इस दिन गुरुद्वारों में भव्य आयोजन कराए जाते हैं और अरदास लगती है। गुरुद्वारों में लंगर का भी आयोजन होता है।

ऐसा बताया जाता है कि सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म बिहार के पटना में हुआ था। उनका बचन में नाम गोबिंद राय रखा गया था। जिस समय गुरु गोबिंद सिंह का जन्म हुआ था, उस वक्त दिल्ली के तख्त पर मुगल बादशाह औरंगजेब का शासन था। वो ऐसा समय था जब तमाम लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। एक दिन गोबिंद राय के पिता और सिखों के नौवें गुरु तेगबहादुर को दिल्ली के दरबार से बुलावा आया।
गुरु तेगबहादुर जब अपने तीन अनुयायियों के साथ औरंगजेब के दरबार में पहुंचे, तो धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा गया। जब वो लोग नहीं माने तो गुरु तेग बहादुर समेत उनके अनुयायियों को कठोर दंड सुनाकर उनकी जान ले ली गई। जब गोबिंद राय को पिता की शहादत की खबर मिली, तो उनका सिर गर्व से उठ गया।
इसके बाद 12 साल की उम्र में गुरु गोबिंद सिंह को सिखों का दसवां गुरु नामित किया गया। इसके बाद वे गोबिंद राय से सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह बन गए। बता दें, गुरु गोबिंद सिंह ने ही खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह सिखों के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है।












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