केजरीवाल को लोकसभा में समर्थन देना देश के लिए खतरनाक: किरण बेदी

प्रश्न- दिल्ली में केजरीवाल और उनकी पार्टी द्वारा किये गये धरने को आप कैसे देखती हैं?
किरण बेदी- यह बेहद खतरनाक है कि एक पार्टी जिसे लोगों ने अपने लिए काम करने के लिए चुना वह कानून व्यवस्था को बिगाड़ रही है और अराजकता फैला रही है। मुख्यमंत्री द्वारा खुद को अराजक बताना, जनादेश का सम्मान न करना चिंताजनक है।
प्रश्न- दिल्ली में केजरीवाल को वोट देने वाली जनता से आप क्या कहना चाहती हैं?
किरण बेदी- दिल्ली की जनता को लोकसभा में वोट करने में सावधानी बरतनी होगी। वो किसी के बहकावे और झूठे वादों में न फंसे। केजरीवाल पहले भी कई बार धरना कर चुके हैं, उन्हें पता है कि भीड़ कैसे जुटाई जाए। केजरीवाल को समझना होगा कि धरना देना अलग बात है और सरकार चलाना दूसरी बात है। उन्हें धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए।
प्रश्न- दिल्ली में कांग्रेस के शासनकाल की निंदा की जाती है, ऐसे में आम आदमी पार्टी लोगों को एक विकल्प के रूप में नजर आयी। जनता को भी नहीं पता होता है कि उनके द्वारा चुना गया प्रतिनिधि कैसा काम करेगा?
किरण बेदी- लेागों को समझना चाहिए कि बेहतर विकल्प कौन होगा, अगर दिल्ली में भाजपा की सरकार बनती तो अच्छा होता।
प्रश्न- लेकिन इस दौरान भाजपा दिल्ली की जनता को आकर्षित नहीं कर सकी। मुख्यमंत्री पद को लेकर आंतरिक कलह भी थी?
किरण बेदी- भाजपा ने दिल्ली में बेहतर काम किया था और इसके मुख्यमंत्री पद के दावेदार हर्षवर्द्धन साफ सुथरी छवि के हैं।
प्रश्न- आप के अनुसार दिल्ली सरकार द्वारा दिये गये धरने पर पुलिस को क्या करना चाहिए था?
किरण बेदी- पुलिस को मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों द्वारा कानून व्यवस्था बिगाड़ने के लिए केस दर्ज करना चाहिए था और इन सभी को जेल में डाल देना चाहिए। मुख्यमंत्री केजरीवाल को इंतजार करना चाहिए कि जिन पर आरोप हैं, उसकी जांच रिपोर्ट तो कम से कम आ जाए।
प्रश्न- क्या आपको नहीं लगता कि कांग्रेस इस बात का इंतजार कर रही है कि कब आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता कम हो?
किरण बेदी- मुझे संदेह है कि 'आप' और कांग्रेस के बीच किसी तरह की आपसी समझ है। यह आम जनता ही है जिसे मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रश्न- क्या हम 'आप' को बेअसर करने के लिए आपके नेतृत्व में किसी आंदोलन की उम्मीद कर सकते हैं?
किरण बेदी- चुनाव इतने नजदीक है अत: हमें किसी आंदोलन के बारे में नहीं सोंचना चाहिए। हमें साफ सुथरे और स्थायी नेतृत्व के लिए वोट करना होगा। इसके साथ ही चुने गये लोगों पर नजर रखनी होगी। जो दिल्ली में हुआ उसका लोकसभा में होना देश के लिए खतरनाक है।












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