शास्त्री जी के पोते को मिली जीत, बन सकते हैं मंत्री
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते आदर्श शास्त्री ने द्वारका सीट जीत ली है। उन्होंने कांग्रेस के अपने निकटतम विरोधी महाबल मिश्र को हराया। शास्त्री पुत्र हैं अनिल शास्त्री के। अनिल शास्त्री आजकल कांग्रेस में हैं। वे शास्त्री जी के पुत्र हैं।
पूर्व प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते आदर्श शास्त्री बीते साल आम आदमी पार्टी से जुड़ गए थे। आदर्श शास्त्री दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल निर्माता कंपनी ऐप्पल में काम करते थे। उनकी तनख्वाह एक करोड़ रुपए सालाना से ज्यादा थी।
आदर्श शास्त्री ऐप्पल कंपनी के पश्चिमी भारत के सेल्स हेड थे। एक बार उन्होंने कहा था कि मैं एक बहुत बड़ी कंपनी में शानदार जिंदगी जी रहा था, लेकिन मुझे लगता था कि सब कुछ ठीक नहीं है। मैं अरविंद केजरीवाल से प्रेरित हुआ और कुछ करने की तमन्ना मेरे भी दिल में जगी।'
आदर्श ने बताया कि केजरीवाल की प्रतिबद्धता ने उन्हें प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस कल्चर में अपने को फिट नहीं पाता और यह बात मैंने अपने पिता तो बता दी। उधर, शास्त्री से हारे मिश्र वेस्ट दिल्ली से लोकसभ सदस्य भी रहे हैं। माना जा रहा है कि वे दिल्ली की अगली कैबिनेट में होंगे।
मुखी को मात
इस बीच, जनकपुरी सीट से जगदीश मुखी का हारना बड़ी खबर है। उनके लिए ये अंतिम चुनाव साबित होन चाहिए। वे 1993 से विधानसभा के सदस्य थे। इसी तरह से लक्ष्मी नगर से डा. अशोक वालिया भी चुनाव हार गए। वे भी 1993 से दिल्ली विधानसभा चुनाव में थे। हां, वे बीता चुनाव भी हार गए थे। उनके लिए भी ये अंतिम चुनाव होगा। वे भी करीब 70 साल के हो चुके हैं। इसी तरह से कालका जी सीट से हारे कांग्रेस के असरदार नेता सुभाष चोपड़ा के लिए यह आखिरी चुनाव होना चाहिए। वे लंबे समय से दिल्ली की राजनीति में एक्टिव थे।
इसी तरह से नई दिल्ली सीट से हारीं किरण वालिया के लिए भी ये अंतिम चुनाव साबित हो सकता है। वे भी करीब 70 साल की हैं। वह बीता विधानसभा चुनाव भी हार गईं थीं।













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