बड़ा खुलासा: दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने अंग्रेजों से 23 करोड़ की घूस
नयी दिल्ली। दिल्ली मेट्रो को लेकर बड़ा खुलासा हुआ। बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली मेट्रो द्वारा रिश्वत लेने का मामला सामने आया था। ट्रेन और टरबाइन बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी अलस्टोम की ब्रिटिश इकाई ने दिल्ली मेट्रो के साथ ही पोलैंड और ट्यूनेशिया में ठेका हासिल करने के लिए 8.5 अरब डालर की रिश्वत दी थी।
ये खुलासा उस वक्त हुआ जब ब्रिटिश स्थित कंपनी अलस्ट्रोम नेटवर्क यूके पर इस वर्ष जुलाई में भ्रष्टाचार और साजिश रचने के छह आरोप लगाए गए थे। इन्हीं आरोपों में से एक आरोप ये था। जिसमें कंपनी ने दिल्ली मेट्रो वारसाव ट्राम और टुनिस में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुडे ठेके हासिल करने के लिए वर्ष 2000 से 2006 के दौरान रिश्वत दी थी।

भ्रष्टाचार के कथित आरोपो के अंतरराष्ट्रीय अपराध जांच के तहत पिछले 5 सालों से अलस्टोम की जांच कर रहे ब्रिटेन के गंभीर धोखाधडी कार्यालय ने लंदन की एक अदालत में इस मामले में सुनवाई के दौरान ये दस्तावेज पेस किए और कहा कि अलस्टोम की इकाई ने कंसलटेंसी करार के तहत रिश्वत दी है।
हिंदुस्तान टाइम्स अखबार की खबर के मुताबिक भारत के शहरी विकास मंत्रालय को ऐसे किसी आरोप के बारे में नहीं पता है। वहीं जांच ईकाई ने कहा कि मेट्रो से ठेके पाने के लिए ऐल्सटम के कुछ निदेशकों ने 1 अगस्त 2000 से 9 अगस्त 2006 के बीच रिश्वत दी या फिर देने का वादा किया। पुलिस के मुताबिक, '12 सितंबर 2001 को इंडो यूरोपियन वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड से कंसल्टेंसी अग्रीमेंट के नाम पर एक करोड 98 लाख 95 हजार रुपये दिए गए। 3 मई 2002 को ग्लोबल किंग टेक्नॉलजी लिमिटेड से कंसल्टेंसी अग्रीमेंट के नाम पर करीब 31 लाख यूरो दिए गए।'












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