दिल्‍ली चुनाव: 'रामजादे' की वजह से दिल्‍ली ने भाजपा को कह दिया राम-राम

नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। पहले देश और उसके बाद महाराष्‍ट्र, झारखंड और हरियाणा को जीतते हुए विजय रथ पर निकले प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का रथ दिल्‍ली में रुक गया। पिछले साल आश्‍चर्यजनक तरीके से सत्‍ता के करीब पहुंची आम आदमी पार्टी ने इस बार उसे मात दे दी। 'आप' ने अपने प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं के बलबूते कांटे की टक्‍कर में यह चुनाव जीता है। वाराणसी में मोदी के हाथों जबरदस्‍त पटखनी खाने के बाद से ही केजरीवाल दिल्‍ली में लगातार प्रचार कर रहे थे और इसका फल उन्‍हें बेमिसाल जीत के रूप में मिला है।

Narendra Modi

इन सबके अलावा भाजपा के हार में सबसे अहम भूमिका उसके अपने फायरब्रांड नेताओं ने निभाया। उदाहरण के तौर पर बात करें तो दिल्‍ली चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय मंत्री और फतेहपुर से भाजपा सांसद साध्वी निरंजन ज्योति के रामजादे और हरामजादे वाले बयान ने चुनावी समीकरण बदल दिया और भाजपा को दिल्‍ली से काफी दूर फेंक दिया। आगे की बात करने से पहले आपको बता दें कि दिल्‍ली की एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए साध्‍वी निरंजन ने कहा था कि अब जनता को तय करना है कि दिल्ली में ''रामजादों'' की सरकार बनेगी या ''हरामजादों'' की।

साध्‍वी ने कहा था कि इस धरती पर जो भी मनुष्य हैं, सब राम की संतान हैं। अन्य धर्म के सभी लोग कन्वर्टेट हैं और देश का विकास बस वही कर सकता है, जो राम को मानता है। साध्वी ने कहाकि, जो लोग इस विचारधारा में विश्वास नहीं करते वे भारतीय नहीं है, उन्हें भारत छोड़ देना चाहिए। साध्‍वी के इस बयान से दिल्‍ली का एक खास वर्ग ने भारतीय जनता पार्टी से दूरी बना ली और आम आदमी पार्टी से जुड़ गए।

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