दिल्ली HC ने ऑक्सीजन सप्लायर्स को दिया Whatsapp ग्रुप बनाने का सुझाव, कहा- 'कोरोना से लड़ाई नहीं, युद्ध है'
नई दिल्ली, 30 अप्रैल। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के भयानक प्रकोप के बीच हाई कोर्ट में आज भी ऑक्सीजन की कमी को लेकर सुनवाई हुई। शुक्रवार को दिल्ली बार काउंसिल के चेयरमैन रमेश गुप्ता भी न्यायालय में पेश हुए और उन्होंने कोरोना से जूझ रहे वकीलों के बुरे हालात पर कुछ मांगे रखीं । इस पर कोर्ट ने कहा कि हम सब असहाय हैं, साथ ही दिल्ली सरकार से पीठ ने पूछा कि इस मामले पर क्या इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।

30 अप्रैल को हुई सुनवाई में सेठ एयर समेत कई ऑक्सीजन सप्लायर भी कोर्ट के सामने पेश हुए। सेठ एयर ने पीठ को बताया कि उसके पास अब पर्याप्त धन नहीं है, जिससे वह ऑक्सीजन की खरीद करने में सक्षम नहीं है। इसके अलावा विनायक गैस ने कोर्ट से कहा कि उसके मालिक को कोरोना वायरस के वजह से काफी नुकसान झेलना पड़ा है, बावजूद इसके विनायक गैस अपनी क्षमता के अनुसार सब कुछ प्रदान कर रहा है। ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं की इस टिप्पणी पर कोर्ट ने कहा कि यह कोविड के खिलाफ युद्ध है, कोई लड़ाई नहीं।
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सेठ एयर ने हाई कोर्ट को यह भी बताया कि उसने ऑक्सीजन दरों में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन गैस सप्लायर लिंडे ने ऑक्सीजन की आपूर्ति की दरों में बढ़ोतरी की है। इस पर कोर्ट ने एमिकस क्यूरी राजशेखर राव को लिंडे से संपर्क करने और इस मुद्दे पर अधिक जानकारी लेने को कहा। कोर्ट ने यह भी कहा कि हम इस समय दूसरों की मजबूरी से पैसा नहीं कमा सकते। न्यायाधीश ने कोरोना संकट में बेहतर संचार स्थापित करने के लिए ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं और उनके संबंधित अस्पतालों के बीच एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का भी सुझाव दिया है। कोर्ट ने कहा कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही रखने में मदद मिलेगी।












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