वर्तनी की गलती के चलते कोर्ट ने बरी किया दोहरे हत्याकांड का दोषी

फैसले में लिखा था- 'याचिकाकर्ता द्वारा पहले ही पूरी किए गए समय, जो कि 16 साल 10 महीने है, याचिकाकर्ता को इस केस से बरी किया जाता है, अगर किसी अन्य केस में उसकी जरूरत नहीं है।'

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसले में टाइपो (वर्तनी या व्याकरण की गलती) के चलते दोहरे हत्याकांड के दोषी व्यक्ति को बरी कर दिया। यह दोषी पिछले 3 महीनों से फरार है। ऐसे में अब आशंका जताई जा रही है कि इस दोहरे हत्याकांड के केस में चश्मदीद गवाह रहे व्यक्ति को जान का खतरा हो सकता है। हाईकोर्ट के फैसले में यह गलती 24 दिसंबर 2016 को हुई थी। यह फैसला जस्टिस जीएस सिस्तानी और जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल की बेंच ने सुनाया था।

वर्तनी की गलती के चलते कोर्ट ने बरी किया दोहरे हत्याकांड का दोषी
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इस गलत फैसले के चलते उम्र कैद की सजा काट रहा जितेंदर उर्फ कल्ला को बरी कर दिया गया। जितेंदर पहले ही 16 साल की जेल काट चुका है। जितेंदर को 10 मार्च 1999 में सत्यवती कॉलेज स्टूडेंट यूनियन के तत्कालीन अध्यक्ष अनिल भदाना की गोली मार कर हत्या करने के लिए दोषी पाया गया था। अगले ही दिन जितेंदर ने अनिल भदाना की हत्या के चश्मदीद गवाह के पिता की भी गोली मार कर हत्या कर दी थी। ये भी पढ़ें- महाबलीपुरम में जर्मन महिला से रेप, पुलिस हिरासत में दो संदिग्ध

जितेंदर ने 10 मार्च 1999 को उत्तरी दिल्ली में एक शादी समारोह के दौरान अनिल भदाना की हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार जितेंदर ने भदाना को इसलिए मारा था, क्योंकि अनिल भदाना जितेंदर के खिलाफ एक आपराधिक मामले का खुलासा करने वाले थे। 2013 में एक ट्रायल कोर्ट ने जितेंदर को पहले केस में 30 साल की जेल और दूसरे केस में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

24 दिसंबर को हाई कोर्ट ने कल्ला को 16 साल जेल में बिताने के बाद बरी कर दिया था। उसके बाद 22 मार्च को हाई कोर्ट ने इस केस में अपनी गलती मानते हुए दोबारा फैसला सुनाया। फैसले में कहा गया कि 24 दिसंबर 2016 को दिए गए फैसले में व्याकरण की एक गलती पाई गई है। आपको बता दें कि दोषी ने अपनी रिहाई के लिए याचिका भी कोर्ट में दी थी।

फैसले में लिखा था- 'याचिकाकर्ता द्वारा पहले ही पूरी किए गए समय, जो कि 16 साल 10 महीने है, याचिकाकर्ता को इस केस से बरी किया जाता है, अगर किसी अन्य केस में उसकी जरूरत नहीं है।' बेंच ने अपने फैसले को अब सही कर लिया है और इस पुराने फैसले को मिटा दिया है। बेंच ने शहर के पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि वह जितनी जल्दी हो सके हत्या के दोषी जितेंदर को गिरफ्तार करें और कोर्ट में पेश करें।

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