Aaj Ka Panchang: चतुर्थी तिथि, पुष्य नक्षत्र, क्या है शुभ मुहूर्त?

Aaj Ka Panchang: पंचांग का प्रयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथि तय करने, व्रत-उपवास करने और ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि आज के पंचांग में क्या खास है?

Aaj Ka Panchang

🌅 सौर एवं चंद्र दैनिक समय

सूर्योदय 🌄 सुबह 05:08 सूर्यास्त 🌇 शाम 6:51
चंद्रोदय 🌙 08:26 पूर्वाह्न चंद्रोदय 🌜 रात 9:59

📅 पंचांग के मूल विवरण

चंद्र दिवस (तिथि) 🌑 चतुर्थी का पर्व शाम 6:58 बजे तक सक्रिय रहेगा, इसके बाद पंचमी आएगी। स्टेला नक्षत्र ⭐ पुष्य सुबह 11:32 बजे तक सक्रिय रहेगा, उसके बाद आश्लेषा सक्रिय रहेगा।
ब्रह्मांडीय संयोजन (योग) 🌌 व्याघाटा शाम 5:35 बजे तक सक्रिय रहेगा, उसके बाद हर्षना सक्रिय रहेगा। आधे दिन की सक्रिय गतिविधि (कराना) 🌀 वनिजा सुबह 8:13 बजे तक सक्रिय रहती है, विष्टी शाम 6:58 बजे तक चलती है, उसके बाद बावा चलती है।
सप्ताह का दिन 📆 गुरुवार चंद्र चक्र चरण (पक्ष) 🌓 शुक्ल पक्ष (बढ़ते चरण)

🪐 चंद्र कैलेंडर युग और ज्योतिषीय प्रणालियाँ

विक्रम संवत युग 👑 2083 सिद्धार्थ बृहस्पति वर्ष (संवत्सर) 🪐 सिद्धार्थी 21 अप्रैल 2026 को दोपहर 3:53 बजे तक सक्रिय रहेगा, उसके बाद रौद्र सक्रिय होगा।
शाका युग वर्ष 🏛️ 1948 पराभाव चंद्र माह के आधार पर (चंद्रमासा) 🌙 ज्येष्ठ (पूर्णिमांत और अमांत दोनों प्रणालियों के अनुसार गणना)
गुजराती संवत 🗓️ 2082 पिंगला सौर मास दिवस (प्रविष्टे/द्वार) 🚪 4

👑 युग 2083 के लिए ब्रह्मांडीय सभा (मंत्री मंडल)

ब्रह्मांडीय संप्रभु (राजा) 👑 गुरु (बृहस्पति) - सर्वोच्च शासक प्रधान सेनापति (सेनाधिपति) ⚔️ चंद्र (चंद्रमा) - ब्रह्मांडीय शक्ति का नेता
प्रधान मंत्री (मंत्री) ⚜️ मंगल (Mars) - उच्च मंत्रिमंडल सदस्य रबी फसल गाइड (धन्यधिपति) 🌻 बुध (मर्करी) - रबी फसल का शासक
ख़रीफ़ फसल मार्गदर्शिका (शस्यधिपति) 🌾 गुरु (बृहस्पति) - खरीफ फसलों का स्वामी वर्षा के देवता (मेघाधिपति) 🌧️ चंद्र (चंद्रमा) - बादलों और वर्षा का स्वामी
राजकोष के संरक्षक (धनाधिपति) 💰 गुरु (बृहस्पति) - धन और अर्थशास्त्र तत्वों के संरक्षक (निरासधिपति) 🪙 गुरु (बृहस्पति) - खनिज और भारी धातुएँ
रसाधिपति (तरलता के देवता) 🍯 शनि (शनि) - सार, रस और तेल प्रकृति के देवता (फलाधिपति) 🍎 चंद्र (चंद्रमा) - फलों और फूलों की प्रचुरता

🌠 चंद्रमा/सूर्य की राशि स्थिति और नक्षत्र चतुर्थांश

चंद्र राशि (चंद्र राशि) ♋ कैंसर सौर राशि (सूर्य राशि) ♊ मिथुन
सौर तारा (सूर्य नक्षत्र) 🌟 मृगशिरा (19 जून, रात 12:44 बजे तक के खंडों का रूपांतरण) नक्षत्र पाद के लिए समयसीमा 🌠 • पुष्य का तीसरा खंड सुबह 6:00 बजे समाप्त होगा।
• पुष्य का चौथा खंड सुबह 11:32 बजे समाप्त हुआ।
• आश्लेषा का पहला सेगमेंट शाम 5:07 बजे समाप्त हुआ।
• आश्लेषा का दूसरा भाग रात 10:44 बजे समाप्त होगा।
• आश्लेषा का तीसरा खंड 19 जून को सुबह 4:24 बजे समाप्त हुआ।
• आश्लेषा का चौथा खंड वर्तमान में सक्रिय है।

☀️ ऋतुएँ और दिन-रात की अवधि

नाक्षत्र ऋतु (द्रिक ऋतु) ☀️ ग्रीष्म ऋतु (ग्रीष्म ऋतु) वैदिक ऋतु (वैदिक ऋतु) 🌿 ग्रीष्म ऋतु (ग्रीष्म ऋतु)
दिन की अवधि (दिनामाना) ⏱️ 13 घंटे 42 मिनट 51 सेकंड रात्रिमाना की अवधि 🌃 10 घंटे 17 मिनट 18 सेकंड
संक्रांति पथ (अयाना) 🏹 उत्तरायण (द्रिक और वैदिक दोनों प्रणालियाँ उत्तरी पारगमन की निगरानी करती हैं) ब्रह्मांडीय सौर दोपहर (मध्यना) ⏰ सुबह 11:59

✨ शुभ और शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त ✨ सुबह 3:45 से 4:27 तक भोर संघ (प्रातः संध्या) 🌅 सुबह 04:06 से 05:08 तक
अभिजीत मुहूर्त 🌟 सुबह 11:32 से दोपहर 12:27 तक विजयी घंटा (विजय मुहूर्त) 🏆 दोपहर 2:16 से दोपहर 3:11 तक
गोधुलि मुहूर्त 🐄 शाम 6:49 से शाम 7:10 तक संध्या संध्या (सयाहना संध्या) 🕯️ शाम 6:51 से शाम 7:52 तक
अमृत ​​कलम (नेक्टर विंडो) 🍯 सुबह 05:41 से 07:09 तक गहरी आधी रात (निशिता मुहूर्त) 🌌 19 जून, रात 11:39 से 12:20 बजे तक
ज्योतिषीय संयोगों का अत्यंत अनुकूल होना ⚡ निम्नलिखित मार्ग सुबह 5:08 बजे से 11:32 बजे तक पूरी तरह से चालू रहेंगे:
• गुरु पुष्य योग | • सर्वार्थ सिद्धि योग | • अमृत सिद्धि योग | • रवि योग

⚠️ अशुभ और चेतावनीपूर्ण खिड़कियाँ

राहु काल (अशुभ समय) 🐉 दोपहर 1:42 से दोपहर 3:25 तक यमगंडा युग 💀 सुबह 05:08 से 06:51 तक
गुलिकाई कलम ⏳ सुबह 8:33 से 10:16 तक दुर मुहूर्तम (निषिद्ध घंटे) ❌ सुबह 9:42 से 10:37 तक और दोपहर 3:11 से 4:06 तक
वर्ज्यम (सख्त परहेज) 🚫 19 जून, रात 11:34 से सुबह 01:05 तक गंडा मूला नक्षत्र काल ⭐ 19 जून, सुबह 11:32 से 5:08 बजे तक
भद्रा कोर आवर्स 🛡️ सुबह 8:13 बजे से शाम 6:58 बजे तक बाण अग्नि तत्व (अग्नि) 🔥 शाम 4:21 बजे तक सक्रिय

🧭 वैदिक दिशा-निर्देश और दिव्य निवास

होमाहुति (बलिदान की अग्नि) 🔥 बुद्ध (बुध) दिशात्मक संघर्ष (दिशा स्कूल) 🧭 दक्षिण दिशा (इस क्षेत्र में यात्रा करने से बचें)
अग्नि का निवास (अग्निवास) 🌋 पाताल (अंडरवर्ल्ड) शाम 6:58 बजे तक, उसके बाद पृथ्वी (अर्थ) चंद्रमा की दिशा (चंद्र वास) 🌙 उत्तर दिशा
राहु की स्थिति (राहु वासा) 🐉 दक्षिण दिशा भद्रा का स्थान (भद्रवासा) 🌏 मृत्यु (पृथ्वी) सुबह 8:13 बजे से शाम 6:58 बजे तक
कुंभ चक्र पर ध्यान केंद्रित करें 🏺 पूर्व दिशा शिव का निवास (शिववास) 🔱 क्रीड़ा (दिव्य लीला) में शाम 6:58 बजे तक, उसके बाद कैलाश की ओर प्रस्थान।

🔢 ब्रह्मांडीय युग और वैकल्पिक कैलेंडर

कलियुग 🌀 5127 बीते हुए वर्ष लाहिड़ी अयनांश (परिशुद्धता डिग्री) 📐 24.233458°
कलि चक्र संचय (आहर्गना) 📆 1,872,744 पूर्ण दिन रेट डाई इंडेक्स 🔢 739,785 दिन
जूलियन कैलेंडर के बराबर 📅 5 जून, 2026 ईस्वी जूलियन दिवस गणना ⏳ 2,461,209.5 दिन
भारतीय राष्ट्रीय नागरिक तिथि 🇮🇳 ज्येष्ठ 28, 1948 शक जूलियन दिवस गणना में संशोधन ⏳ 61,209 दिन
राष्ट्रीय निरयण तिथि 🇮🇳 आषाढ़ 04, 1948 शक

💫 खगोलीय ऊर्जाएँ: चंद्र और तारा की शक्तियाँ

शुभ चंद्रबलम (लाभदायक चंद्र ऊर्जा) 🌙
इन राशियों के लिए अगले सूर्योदय तक प्रभावी:
• वृषभ (वृषभ) | • कर्क (कर्क) | • कन्या (Virgo) | • तुला (तुला)| • मकर (मकर) | • कुंभ (कुंभ)

⚠️ अष्टम चंद्र चेतावनी: धनु राशि (और मूला, पूर्वा आषाढ़ और उत्तरा आषाढ़ के प्रथम चरण में) में जन्म लेने वालों के लिए सक्रिय।

शुभ ताराबलम (लाभदायक नक्षत्र) ⭐
आज सुबह 11:32 बजे तक अत्यधिक सक्रिय रहने की संभावना है:
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद और रेवती।

सुबह 11:32 बजे के बाद और अगली सूर्योदय तक अत्यधिक सक्रिय:
अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा और उत्तरा भाद्रपद।

🌀 पंचक निवारण (पंचक रहित) और बढ़ते लक्षण

पंचक रहित मुहूर्त (शुभ स्लॉट) 🕯️

अग्नि पंचक: सुबह 5:08 से 7:14 तक
सकारात्मक समयावधि: सुबह 7:14 से 9:32 बजे तक
राज पंचक: सुबह 09:32 बजे से 11:32 बजे तक
सकारात्मक समयावधि: सुबह 11:32 से 11:46 बजे तक
चोर पंचक: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 01:58 बजे तक
सकारात्मक समयावधि: दोपहर 1:58 से शाम 4:15 बजे तक
रोग पंचक: शाम 04:15 बजे से शाम 06:32 बजे तक
सकारात्मक समयावधि: शाम 6:32 से शाम 6:58 तक
मृत्यु पंचक: शाम 06:58 बजे से रात 08:37 बजे तक
अग्नि पंचक: रात्रि 08:37 बजे से रात्रि 10:21 बजे तक
सकारात्मक समयावधि: रात 10:21 से रात 11:52 तक
राजा पंचक: 19 जून को रात 11:52 बजे से सुबह 01:21 बजे तक
अग्नि पंचक: 19 जून को सुबह 01:21 से 02:59 बजे तक
सकारात्मक समयावधि: 19 जून को सुबह 02:59 से 04:56 बजे तक
राजा पंचक: 19 जून को सुबह 04:56 से 05:08 बजे तक

उदय लग्न मुहूर्त (राशि उदय लग्न) 🌅

मिथुन (Gemini): सुबह 5:00 बजे से 7:14 बजे तक
कर्क राशि (कैंसर): सुबह 7:14 से 9:32 बजे तक
सिंह (Leo): सुबह 9:32 से 11:46 बजे तक
कन्या (Virgo): सुबह 11:46 बजे से दोपहर 01:58 बजे तक
तुला (Libra): दोपहर 1:58 से शाम 4:15 तक
वृश्चिका (Scorpio): शाम 4:15 से शाम 6:32 तक
धनु (धनु): शाम 06:32 बजे से रात 08:37 बजे तक
मकर राशि: रात 8:37 से 10:21 बजे तक
कुंभ (Aquarius): रात 10:21 से रात 11:52 तक
मीना (मीन): 19 जून को रात 11:52 से सुबह 01:21 बजे तक
मेष (Aries): 19 जून को सुबह 01:21 से 02:59 बजे तक
वृषभ (वृषभ): 19 जून को प्रातः 02:59 बजे से प्रातः 04:56 बजे तक

🎉 उत्सव, त्यौहार और विशेष दिवस

आज मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण त्योहार 🌺 प्रद्युम्न चतुर्थी (गुरुवार, 18 जून को पड़ रही है)
📝 महत्वपूर्ण नोट: यहां दी गई सभी खगोलीय और ज्योतिषीय स्थितियां वाराणसी, भारत के मानक 12-घंटे के स्थानीय समय प्रारूप पर आधारित हैं (जहां लागू हो वहां डीएसटी को ध्यान में रखते हुए)। आधी रात के बाद के घंटों के आगे अगली तारीख लिखी गई है। पारंपरिक वैदिक पंचांग प्रणाली के अनुसार, एक नया दिन आधिकारिक तौर पर स्थानीय सूर्योदय के साथ शुरू और समाप्त होता है।

नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।

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