केजरीवाल की करनी भोग रही आप, भाजपा बनेगी दिल्ली की सरताज

यह हम नहीं बल्कि एबीपी न्यूज़-नीलसन के ताज़ा ओपिनियन पोल कह रहा है। सर्वे के अनुसार केजरीवाल के धोखे का सबसे ज्यादा फायदा अगर किसी को मिला है तो वो है भारतीय जनता पार्टी। 2009 में भाजपा के हाथों में दिल्ली की एक भी सीट नहीं आई थी, लेकिन इस बार उम्मीद है कि नतीजे ठीक इसके उलट आएंगे।
इस सर्वे के मुताबिक आम आदमी पार्टी के इस गढ़ में अब धीरे-धीरे बीजेपी और कांग्रेस वापसी करती हुई दिख रही है। भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेन्द्र मोदी का जादू दिल्लीवालों के सिर पर चढ़कर बोलने लगा है। ताजा पोल के मुताबिक भाजपा को दिल्ली को 7 लोकसभा सीटों में से 5 सीटे मिलती दिखाई दे रही है तो केजरीवाल की झोली में महज 2 सीटें। साफ है कि केजरीवाल का दिल्ली का किला धवस्त हो चुका है।
वहीं अगर आंकड़ों को देखें तो दिल्ली में भाजपा की मजबूत स्थिति बुजुर्गों के कारण बनी है। कहने के मतलब ये कि भले ही मोदी युवाओं की पहली पसंद हो, लेकिन दिल्ली में उन पर भरोसा बुजुर्गों ने ही दिखाया है। एबीपी-नेल्सन सर्वे में उम्र के हिसाब से बात करें तो 38 फीसदी युवाओं की पसंद बीजेपी है, 31 फीसदी का रुख अरविंद केजरीवाल के पक्ष में है। जबकि 56 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में बीजेपी की मजबूत पकड़ है। इस कैटिगरी में 48 फीसदी लोग कमल पर वोट डालने की बात कह रहे हैं। ऐसे में कह सकते हैं कि मोदी यंगिस्तान की नहीं ओल्डएज की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
दिल्ली के 44 फीसदी लोग प्रधानमंत्री पद के तौर पर नरेंद्र मोदी को देखना चाहते हैं जबकि केजरीवाल बतौर पीएम सिर्फ 24 फीसदी लोगों की पसंद हैं। इस लिस्ट में सबसे पीछे राहुल गांधी हैं। उन्हें 19 फीसदी लोग प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। इन आंकड़ों का विश्लेषण करे तो दिल्ली में मोदी पहली पसंद के तौर पर उभरे हैं तो केजरीवाल का नबंर कट गया है।
अगर विधानसभा की बात करे तो वहां भी केजरीवाल पिछड़ते नजर आ रहे हैं। सर्वे के मुताबिक अगर अभी विधानसभा चुनाव हुए, तो बीजेपी के हर्षवर्धन सीएम के रूप में सबसे ज्यादा 29 फीसदी लोगों की पसंद हैं। अरविंद केजरीवाल को 19 फीसदी और शीला दीक्षित को 11 फीसदी लोग सीएम बनाना चाहते हैं।












Click it and Unblock the Notifications